ग्वालियर:इस साल मानसून की समय से पहले और धमाकेदार एंट्री होने से गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ शहर की जनता को पीने के पानी की कटौती से भी निजात मिल गई है। समूचे अंचल में जमकर बरसे बादलों ने जुलाई के पहले ही सप्ताह में मानसून की बारिश का आधा कोटा कर दिया है। इस बीच मौसम विभाग ने 4 एवं 6 जुलाई को ग्वालियर सहित आसपास के जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मानसून की मेहरबानी से ग्वालियर के लोगों के लिए राहत की बात ये है कि शहर की प्यास बुझाने वाले तिघरा बांध के जल स्तर में अब तक लगभग 7 फुट की बढ़ोतरी हो चुकी है। शुक्रवार की सुबह तिघरा का वाटर लेबल 732 फीट को छूने के करीब रहा। वहीं इस बात के भी संकेत हैं कि अगर मौसम के तेवर ऐसे ही रहे तो जुलाई के महीने में ही तिघरा लबालब हो सकता है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार शहर को पेयजल की आपूर्ति करने वाले तिघरा डेम में तेजी से जलभराव का क्रम निरंतर जारी है। जिस तरह से तिघरा के जल स्तर में तेजी के साथ इजाफा हुआ है उसे देखकर तो यह कहा जा सकता है कि जुलाई के आखिर तक तिघरा पूरी तरह भर सकता है।
739 फुट पर खोले जाते हैं तिघरा के गेट
उल्लेखनीय है कि तिघरा डेम का अधिकतम जल स्तर 739.15 फीट निर्धारित है। इस स्तर पर पहुंचने के पहले ही बैंक वाटर के फ्लो को देखते हुए डेम के दरवाजे खोलना प्रारम्भ कर दिए जाते हैं।
पिछले साल 17 सितंबर को खुला पहला गेट
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष 17 सितंबर को तिघरा का जलस्तर 739.15 फीट पहुंच गया था और उस समय डैम के बढ़ते लेवल को स्थिर रखने के लिहाज से जलाशय का 1 गेट खोला गया था, जिससे लगभग 700 क्यूसेक पानी सांक नदी में छोड़ा गया। बाद में यह क्रम अन्य गेट खोलने के साथ आगे भी जारी रहा।
19 दिन में 7 फुट चढ़ गया पानी
बता दें कि विगत 15 जून को तिघरा जलाशय का जलस्तर 725 फीट के आसपास था, लेकिन केवल 19 दिन के भीतर ही बांध के वाटर लेबल में करीब 7 फुट की बढ़ोतरी देखी जा रही है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक आज 4 जुलाई की सुबह इसका जलस्तर 731.90 फुट रिकॉर्ड किया गया।
बांध में लगातार पहुंच रहा पानी
गौरतलब है कि इस साल मध्यप्रदेश सहित ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून के जल्दी दस्तक दिए जाने से पिछले एक पखवाड़े से बरसात जारी है। इसका असर ग्वालियर को पेयजल की आपूर्ति करने वाले तिघरा जलाशय पर भी पड़ा है।
