रायसेन। मासूम स्कूली बच्चों के कंधों पर बस्तों का बोझ उनकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा रहा है।स्कूल के टीचर रोजाना कॉपी किताबें लाने का प्रेशर बनाते हैं।आलम यह है कि बस्तों के भारी भरकम बोझ की वजह से कंधों और कमर को नुकसान पहुंच रहा है।
किस कक्षा में कितने किलोग्राम तक मान्य
पहली व दूसरी 1.6 से 2.2 किग्रा
तीसरी से पांचवी 1.7 से २.५ किग्रा
छठवी व सातवी 2.3 किग्रा
आठवीं व नौंवी 2.5 से 4 किग्रा
दसवीं 2.5 से 4.5 किग्रा
7 से 10 किलोग्राम का बैग टांगे बच्चे इन दिनों हलाकान देखे जा रहे हैं। उनसे बैग उठ नहीं रहा हैं, फिर भी स्कूल ले जाना उनकी मजबूरी है। क्योंकि, मैम ने कहा कि पूरी पुस्तक, कॉपियां लेकर आना हैं। कभी भी कुछ पढ़ाया जा सकता है। ऐसे में बच्चे यही गुहार लगाते नजर आ रहे हैं कि ये बोझ नहीं उठता, कुछ कम दीजिए न मैम।
ऐसा नहीं है कि रायसेन में बस्ते के बोझ को कम करने का काम नहीं किया गया है,।लेकिन अब भी जितनी किताबें और कॉपियां बच्चों के पास हैं, वह तय मानक से काफी अधिक है। ऐसे में बच्चे परेशान है। इस स्थिति में सबसे ज्यादा जरूरी पैरेंट्स ऑडिट हो सकती है, जो बच्चों के बैग्स को नियमित चैक करें। उनका वजन लें और शेड्यूल के बारे में स्कूल प्रबंधन से चर्चा करें, जिससे कि बच्चों को राहत मिल सके।
राज्य शासन ने 2019 में प्राथमिक कक्षाओं से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों के बस्ते का वजन निर्धारित किया था।लेकिन निजी स्कूल संचालक इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। दिन के हिसाब से विषयों का चयन कर शेड्यूल बनाकर पढ़ाई करवाते हैं।जिससे मजबूरन सभी कापियां किताबें बच्चों को बस्ते में भरकर रोजाना ले जाना पड़ रही है।गाइडलाइन के मुताबिक कुछ क्लासों में बच्चों को बिना किताबें कक्षाएँ आयोजित करने के आदेश है।ताकि बच्चों का बोझ कम किया जा सके।लेकिन इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
इनका कहना है
टेढ़ी हो रही रीढ़ की हड्डी
बच्चों पर बस्ते का बढ़ता बोझ उनकी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। इसका सीधा असर बच्चे के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इससे कंधा, गला, सर्वाइकल, रीढ़, पीठ, कमर जैसी समस्याओं से आगे बच्चों को जूझना पड़ सकता है। इसके अलावा मानसिक तनाव भी बच्चे महसूस कर रहे हैं। बच्चों को भारी बस्ता ढोने के कारण उनकी लंबाई पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।जबकि स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि गाइडलाइन के अनुसार ही बस्ता प्रबंधन कराएं। जिन स्कूलों में वजन अधिक मिला तो कार्रवाई होगी।
डीडी रजक,डीईओ रायसेन
