सिलेबस बदलने से पालक नई किताबें खरीदने को मजबूर

इंदौर: आम जनता और समाजसेवियों द्वारा लाख विरोध के बावजूद आज भी निजी स्कूल अपनी कमीशन खोरी बंद नहीं कर रहे. वही शासन-प्रशासन भी लापरवाह बन चुका है. शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है. स्टेशनरी की छोटी-बड़ी दुकानों पर पालकों की भीड़ भी बढ़ चुकी है और हमेशा की तरह इस बार भी बच्चों के सिलेबस इसलिए बदल दिए गए है ताकि बच्चे किसी दूसरे से सेकेंड हैंड कोर्स नहीं खरीद सकें और पालकों को नए सिलेबस को खरीदना मजबूरी बन जाता है.

इसके चलते दुकानदार अच्छी खासी उगाई करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा स्कूल संचालकों को भी जाता है. यानी कुल मिलाकर पालकों की जेब पर डाका इस वर्ष भी डल रहा है. जबकि दो वर्ष पहले ही जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने शिक्षा को लेकर कई आदेश दिए थे जो अब शासन और प्रशासन द्वारा खुद ही ठंडे बस्ते में रखवा दिए गए हैं.
इनका कहना है
अपने बच्चे को उच्च शिक्षा दिलवाने के लिए पालकगण हर मुमकिन कोशिशे और कुर्बानियां देते हैं. राज्य शासन को कठोर निर्णय लेते हुए शिक्षा में फैले भ्रष्टाचार को ख़त्म करना चाहिए. हर घर शिक्षित हो.
शादाब खान
जहां शिक्षा पर जोर सिर्फ नारों में दिया जाता है वहीं जमीनी हकीकत तो यह है कि हर तरफ लूट खसूट मची है. कमीशन खोरी चरम पर है जिस पर कोई लगाम नहीं है.
सूरज माली
उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह से यह छलावा है. हजारों रूपयों के कोर्स पूरी मोनोपोली वाले होते हैं, जो दूसरी स्टेशनरी शॉप पर नहीं मिलते. शासन सख्त नियम बनवाए और सख्ती से पालन करवाए.
चैन सिंह ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष जागरूक उपभोक्ता समिति

Next Post

दो दर्जन हथियार बंद लोगों ने दुकान पर किया हमला

Wed Jul 2 , 2025
सतना : सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत धवारी-महादेवा रोड पर पेट्रोल पंप के निकट मंगलवार की शाम उस वक्त दहशत फैल गई जब दो दर्जन हथियारबंद लोगों ने एक दुकान पर हमला बोल दिया. इस घटना के चलते जहां एक व्यक्ति की जांघ में गोली लग गई वहीं तलवार, रॉड […]

You May Like