द हेग, 1 जुलाई (वार्ता) जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों ने इजरायल के प्रति अपने समर्थन को दोहराया है और इस बात पर जोर दिया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता है।
यहां अपनी बैठक में जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है और ईरान से अपनी परमाणु संवर्धन गतिविधियों को फिर से शुरू करने से नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने बातचीत फिर से शुरू करने का आह्वान किया ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक समग्र, पुष्टि योग्य और दीर्घकालिक समझौता को अंजाम दिया जा सके।
इसमें कहा गया है “एक स्थायी और विश्वसनीय समाधान के लिए, हम ईरान से आग्रह करते हैं कि वह अपने सुरक्षा दायित्वों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ पूर्ण सहयोग को तत्काल पुनः शुरू करे और एजेंसी को अपनी सभी परमाणु सामग्री के बारे में पुष्टि योग्य जानकारी प्रदान करे। इसमें एजेंसी के निरीक्षक को सभी ठिकानों तक पहुँच प्रदान करना भी शामिल है। हम ईरान में आईएईए महानिदेशक ग्रॉसी की गिरफ्तारी और उनकी हत्या संबंधी आह्वान की निंदा करते हैं।”
गौरतलब है कि ईरान ने पहले ही आईएईए से हटने के अपने निर्णय की घोषणा कर दी है और परमाणु अप्रसार संधि में अविश्वास व्यक्त किया है।
मंत्रियों ने कहा ‘हम मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। इस संदर्भ में हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। हम इजरायल की सुरक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं।’
इजराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम के लिए समर्थन दोहराते हुए जी- 7 देशों के विदेश मंत्रियों ने सभी पक्षों से ऐसे कार्यों से बचने का आग्रह किया जो क्षेत्र को और अस्थिर कर सकते हैं।
उन्होंने युद्ध विराम को सुगम बनाने में कतर की भूमिका की सराहना की और ईरान तथा उसके सहयोगियों इराक और कतर के क्षेत्रों पर किए गए हमलों के प्रति द्वारा उनके क्षेत्र के एकजुटता व्यक्त की। वक्तव्य में कहा गया है “हम क्षेत्र में स्थिरता और तनाव कम करने की दिशा में सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं।”
