प्रदेशाध्यक्ष पर मुकदमा लोकतंत्र पर काला धब्बा: कांग्रेस

सतना, । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अशोकनगर में प्रदेश अध्यक्ष की जीतू पटवारी के खिलाफ 26 जून को दर्ज फर्जी एफआईआर की कड़े शब्दों में निन्दा करती है। यह एफआईआर न केवल बीजेपी की तानाशाही और विपक्ष को कुचलने की साजिश को उजागर करती है बल्कि पीडि़तों की आवाज को दबाने और सच्चाई को झूठ के नीचे दफन करने की उनकी घिनौनी रणनीति का जीता-जागता सबूत है। बीजेपी और मोहन यादव सरकार का यह कृत्य लोकतंत्र पर काला धब्बा है, जिसे मध्यप्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। जिला कांग्रेस कमेटी आयोजित प्रेस कान्फ्रेस में संबोधित करते हुए बताया कि अशोकनगर जिले के मूडऱा बरवाह गांव में 10 जून को गजराज लोधी व रघुराज लोधी की सरपंच पति अपने साथियों के साथ उनकी मोटरसाईकिल छीनी और उनके साथ मारपीट करते हुए अमानवीय रूप से उन्हें मानव मल खाने के लिए मजबूर किया। इस जघन्य अपराध की शिकायत लेकर पीडि़त उसी दिन जनसुनवाई के दौरान अशोकननर कलेक्टर से मुलाकात की और शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। कलेक्टर से शिकायत और मीडिया से चर्चा के 10 दिन बाद 25 जून को पीडि़त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से ओरछा में मुलाकात कर घटना की जानकारी दी। पटवारी तुरंत अशोकनगर कलेक्टर से फोन पर बात की और इस मामले में 2 दिनों के भीतर कार्यवाही की मांग की। बावजूद इसके प्रदेश सरकार पीडि़तों को न्याय देने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की और 26 जून पटवारी के खिलाफ मूंगावली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। जिला कांग्रेस कमेटी आरोप लगाते हुए कहा कि क्या पुलिस पीडि़तों के शपथ पत्र की सत्यता की जांच की? क्या उन्होंने यह पता लगाया कि पीडि़तों ने अपनी शिकायत को अचानक क्यों बदला? नहीं। यह पुलिस की निष्पक्षता और ईमानदारी पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है। भाजपा को चेतावनी देते हुए कांग्रेस ने कहा कि वह अपनी तानाशाही से बाज आए। प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जबाव देगी। सत्ता की हनक और दबाव की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलेगी। सच्चाई की जीत होगी और मध्यप्रदेश का लोकतंत्र इस साजिश को परास्त करेगा। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष दिलीप मिश्रा, शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद, पूर्व विधायक कल्पना वर्मा, रमाशंकर पयासी, प्रदीप समदडिय़ा आदि मौजूद रहें।

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