वियना, 30 जून (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि अमेरिकी हमलों ने ईरानी परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है मगर वे पूरी तरह से नष्ट नहीं हुए हैं और इसी वजह से ईरान कुछ ही महीनों में यूरेनियम संवर्धन शुरू कर सकता है।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार श्री ग्रॉसी का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे के विपरीत है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की परमाणु परियोजना को दशकों पीछे धकेल दिया गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा था कि अमेरिकी हमलों में फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान परमाणु ठिकानों के सेंट्रीफ्यूज को काफी नुकसान पहुँचने से ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई वर्षों के लिए टल गया है।
‘फेस द नेशन विद मार्गरेट ब्रेनन’ के साथ साक्षात्कार में उन्होंने अलग-अलग आकलन पर अपना रुख बताते हुए कहा, “ सामूहिक विनाश के हथियारों में यह दृष्टिकोण ठीक नहीं है। उनके पास जो क्षमताएँ हैं, वे मौजूद हैं। आप जानते हैं कि वे कुछ ही महीनों में सेंट्रीफ्यूज के कुछ कैस्केड घुमाकर यूरेनियम संवर्धन कर सकते हैं। स्पष्ट रूप से कहें तो, कोई यह दावा नहीं कर सकता कि सब कुछ गायब हो गया है और अब वहाँ कुछ भी नहीं है।”
श्री ग्रॉसी ने कहा कि निगरानी समूह की जांच में परमाणु हथियार कार्यक्रम का संकेत नहीं मिला, लेकिन यूरेनियम संवर्धन नागरिक उपयोग की आवश्यकता से कहीं अधिक है। ईरान की ओर से कुछ बहुत महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने से इनकार करने से स्थिति और जटिल हो गयी है।
उधर, अमेरिका के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि जैसा कि श्री ग्रॉसी ने कुछ दिन पहले कहा था कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर से पहले और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बीच का अंतर ‘रात और दिन’ जैसा है और उसे ‘काफी नुकसान’ हुआ है। उन्होंने कहा, “ईरान के पास कोई हवाई सुरक्षा नहीं है, इसलिए यह विचार कि, वे परमाणु हथियार कार्यक्रम फिर शुरू कर सकते हैं, बकवास है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।”
इस बीच, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध विराम के बाद ईरान ने आधिकारिक तौर पर आईएईए के साथ सभी प्रकार का सरकारी सहयोग वापस ले लिया है और उस पर राजनीतिक पूर्वाग्रह, गैर-निष्पक्षता और डेटा साझा करने का आरोप लगाया है। ईरान ने कहा है कि आईएईए की मदद से ही इजरायल ने ईरान के मुख्य परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची ने कहा है कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की अपनी सदस्यता पर भी पुनर्विचार कर सकता है जो इस संधि पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्य देशों को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकती है।

