
रीवा।रीवा जिला के जिला कोषालयअधिकारी के द्वारा शिक्षकों के क्रमोन्नति एरियर्स का भुगतान देने में जिस ढंग से हिला हवाली किया जा रहा है उससे जिले भर के शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है. मिली जानकारी के अनुसार रीवा के जिला कोषालय अधिकारी के द्वारा शिक्षकों के क्रमोन्नति एरियर्स का भुगतान देने के लिए डी डी ओ के माध्यम से जो देयक प्रस्तुत किया जाता है उसका समय पर भुगतान नहीं हो रहा है. बल्कि प्रस्तुत देयक में किसी न किसी प्रकार के मनगढ़ंत आपत्ति लगाकर उनके बिल को निरंतर वापस किया जा रहा है, जिससे शिक्षकों के भीतर भारी असंतोष व्याप्त है. आए दिन जब जिला कोषालय अधिकारी को कोई आधार नहीं मिलता तो स्क्रीन ओपन का प्रमाण पत्र के नाम पर बिल को वापस कर दीं जा रहा है जो की रीवा जिला के लिए एक अद्भुत और नया तुगलकी फरमान है. मध्य प्रदेश में विभिन्न जिलों में लोगों के एरियर्स का भुगतान किया जा रहा है, कोई भी कोषालय अधिकारी द्वारा देयक नहीं रोक जा रहा है किंतु मात्र रीवा जिला में ही एक ऐसा कोषालय है जहां शासकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों की क्रमन्नति के एरियर्स का भुगतान नहीं दिया जा रहा है. पता चला है कि रीवा के जिला कोषालय में जो बिल जमा होता है उस बिल पर भुगतान की कार्यवाही न करके किसी न किसी बहाने से बिल वापस करने की मंशा से अधिकारी आए दिन बिलों का भुगतान न करके शिक्षकों को लगातार परेशान कर रहे हैं. आरोप यह है कि देयक भुगतान के बिलों में मनगढ़ंत आरोप जिसका कोई आधार नहीं है उसको मुद्दा बनाकर बिल वापस करना जिला कोषालय अधिकारी का शौक बन गया है. माना जाता है कि रीवा के जिला कलेक्टर महोदय को यह सारी बातें ज्ञात है उसके बावजूद भी शिक्षकों का एरियर्स भुगतान नहीं हो रहा है यदि वेतन के बारे में कोई आवाज उठाई जाती है तो सीधे डी डी ओ का वेतन कलेक्टर महोदय द्वारा रोक दिया जा रहा है. जबकि सारी गड़बड़ी जिला कोषालय अधिकारी रीवा द्वारा किया जाता है. रीवा जिले में शिक्षकों के साथ हो रहे इस अन्याय से शिक्षकों के साथ ही उनके परिजन एवं सामाजिक लोगों को भी इस बात की पीड़ा है कि वर्तमान सरकार जहां शिक्षा के प्रति जागरुक है वहीं शिक्षकों के एरियर्स भुगतान समय पर क्यों नहीं दिया जा रहा है जो कतई उचित नहीं है. मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से आग्रह है कि रीवा जिले में जिला कोषालय में हो रही व्यापक अनियमितता की जांच कराई जाए तथा दोषी कोषालय अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाय एवं शिक्षकों का एरियर्स भुगतान तत्काल कराया जाए.
