
जबलपुर। डिंडौरी जिले की शहपुरा क्षेत्र में बिजली व नाले-नालियों सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं न होने को जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में डिंडौरी कलेक्टर सहित अन्य को नोटिस जारी कर 14 जुलाई तक जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
यह जनहित का मामला रिटायर्ड बैंक कर्मी राजेन्द्र कुमार सिंह की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार पाठक ने पक्ष रखा। आवेदक का कहना है कि शहपुरा में मढिय़ा मंदिर से लेकर बठौंदा चौराहे तक सीसी रोड का निर्माण शासन की ओर से कराया गया था, जिसके किनारे पर करीब 32 विद्युत पोल भी खड़े किये गये थे, लेकिन उन पर लाईट की व्यवस्था नहीं है, इतना ही नहीं नाले-नालियों का भी निर्माण किया गया, लेकिन वह कचरे से अटे पड़े है, साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। आवेदक का आरोप है कि सफाई के अभाव में लोग वहां शौच के लिये जाते है, जिससे गंदगी दिनों बढ़ती जा रहीं है। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद भी कोई कार्यवाही न होने पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले में डिंडौरी जिला कलेक्टर, ज्वाईंट डायरेक्टर नगरीय प्रशासन विभाग व सीएमओ शहपुरा को पक्षकार बनाया गया है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
