जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने बैतूल जिले में रानीपुर-घोड़ाडोंगर रोड पर अतिक्रमण किये जाने का आरोप लगाने वाले मामले को सख्ती से लिया। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में यथास्थिति के निर्देश देते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
यह जनहित का मामला रानीपुर-घोड़ाडोंगर बैतूल निवासी रिटायर्ड कर्मी कमलेश नायक की ओर से दायर किया गया है।
जिनकी ओर से अधिवक्ता प्रदीप शर्मा ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि रानीपुर-घोड़ाडोंगर सार्वजनिक रोड पर हजारी, कमलेश उर्फ कल्लू, शिवप्रसाद व प्रहलाद नामक व्यक्तियों ने अतिक्रमण कर रखा है। जिससे सडक़ की चौड़ाई काफी कम हो गई है और लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उक्त मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को अभ्यावेदन दिये गये, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
मामले में प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, बैतूल कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओं सहित उक्त अनावेदकों को पक्षकार बनाया गया है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने मामले में यथास्थिति के निर्देश देते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
