
सिंगरौली। कलेक्ट्रोरेट से चन्दकदम दूर स्थित सर्किट हाउस धीरे-धीरे बदहाल हो रहा है। सुबह से लेकर शाम तक कई लोगों का बेजा कब्जा और रेस्ट हाउस के ईदगिर्द फैली शराब की बोतलें देखी जा सकती हैं।
दरअसल, जिला मुख्यालय लोक निर्माण विभाग के द्वारा 1 करोड़ रूपये से अधिक लागत से माजन मोड़ के समीप उच्च विश्राम गृह का निर्माण कार्य कराया गया था। इस विश्राम गृह में मंत्री से लेकर संत्री तक ठहरते थे। हालांकि मंत्री सबसे ज्यादा एनटीपीसी विंध्याचल के सूर्या भवन या फिर एनसीएल मुख्यालय मोरवा के गेस्टहाउस में रुकना पसंद करते है और लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस माजन मोड़ में ठहरने से परहेज करते हैं। यहां यह भी आरोप लग रहा है कि उच्च विश्राम गृह पीने-खाने का अड्डा बनता जा रहा हैं। सर्किट हाउस के ईर्दगिर्द शराब की बोतलें इस बात की गवाह है।जिसे रोक पाना लोक निर्माण विभाग अमले के बस की बात नही है। शायद इसीलिए लोनिवि के जिम्मेदार अधिकारी भी किसी झमेले में नही पड़ना चाहते हैं। फिलहाल लोनिवि सर्किट हाउस धीरे-धीरे बदहाली के हालत से गुजरने लगा है।
यहां रोजाना साफ-सफाई किये जाने का दावा भी किया जाता है। जबकि यहां बताते चले कि सर्किट हाउस में ठहरने के पूर्व एसडीएम से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके बाद ही ठहरने वालों को रूम एलॉट होते हैं।
जगह-जगह नालियां टूटी, अमला बेसूध
करीब एक दशक पूर्व लाखों-करोड़ों रूपये की लागत से विश्राम गृह भवन एवं पार्क के साथ-साथ नालियों का निर्माण लोक निर्माण विभाग के द्वारा कराया गया था। इसके अलावा भवन एवं नालियों के निर्माण के साथ-साथ फर्नीचर के खरीदी में भी अनियमितता करने व गुणवत्ता विहीन कार्य कराने का आरोप तत्कालीन कार्यपालन यंत्री लोनिवि पर लगाया गया था और इसके लपेटे में कार्यपालन यंत्री भी आ गये थे। अब गुणवत्ता विहीन नाली निर्माण कार्य का परिणाम सामने आ गया। जहां परिसर में बनी नाली जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
