आत्मपरिवर्तन: दुनिया को बदलने की चेष्टा न करें, स्वयं के परिणाम बदलें

भोपाल। भानपुर जैन मंदिर में चातुर्मास के दौरान मुनि निर्वेग सागर महाराज ने भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना में आत्मपरिवर्तन का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “दुनिया को बदलने की चेष्टा न करें, स्वयं के परिणाम बदलें।” मित्रता के भाव से देखने से भव सुधरता है और कर्म शुभ बनते हैं। प्रतिदिन णमोकार मंत्र जाप, भक्तांबर पाठ और विशेष अभिषेक हो रहा है। कलश स्थापना प्रदीप जैन, प्रवीण लीना रेंडु व अन्य परिवारों द्वारा की गई। कार्यक्रम में अनेक जैन समाजजन, मंदिर समिति सदस्य, चातुर्मास समिति व महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी रही।

Next Post

नपा:स्थानांतरण के बाद भी जमे कर्मचारी, कार्यप्रणाली प्रभावित

Thu Jul 17 , 2025
विदिशा। नगर पालिका परिषद में कुछ सप्ताह पहले अधिकारियों और कर्मचारियों का आंतरिक स्थानांतरण (इधर से उधर) किया गया था, ताकि कामकाज में पारदर्शिता और गति लाई जा सके। लेकिन स्थिति यह है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद अधिकांश कर्मचारी अभी तक अपने नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार […]

You May Like