नई दिल्ली/इस्लामाबाद। 27 दिसंबर, 2025। पाकिस्तान की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पंजाब विधानसभा परिसर में सुरक्षाकर्मियों द्वारा उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की किए जाने का गंभीर आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सुरक्षाकर्मी सीएम अफरीदी और उनके प्रतिनिधियों को विधानसभा के भीतर प्रवेश करने से रोकते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि बीच-बचाव करने आए उनके प्रतिनिधि फतेह उल्लाह बुर्की के साथ भी कथित तौर पर बदसलूकी की गई। घटना के बाद पूरे पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव चरम पर है और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।
इस अपमानजनक घटना के बाद मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने आधिकारिक बयान जारी कर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक चुने हुए प्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए काला धब्बा है। अफरीदी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में वर्तमान में लोकतंत्र नहीं बल्कि ‘मार्शल लॉ’ जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जहाँ निर्वाचित नेताओं को जानबूझकर अपमानित किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, दूसरी ओर पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
यह घटना पाकिस्तान की पहले से ही अस्थिर राजनीति में आग में घी डालने का काम कर रही है। गौरतलब है कि पंजाब प्रांत में मरियम नवाज (PML-N) की सरकार है, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) सत्ता में है और सोहेल अफरीदी वहाँ के मुख्यमंत्री हैं। विपक्षी दलों ने इस घटना को मरियम नवाज सरकार की तानाशाही करार देते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। जानकारों का मानना है कि दो बड़े प्रांतों के मुख्यमंत्रियों के बीच बढ़ती यह कड़वाहट पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है।

