जबलपुर: ग्रीष्मकालीन फसल मूंग और उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी इस वर्ष काफी देर से शुरू होगी। जिसके लिए पंजीयन की प्रक्रिया ही 19 जून से शुरू हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक 650 किसानों ने ही समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए पंजीयन कराया है। गौरतलब है कि इस वर्ष शासन द्वारा मूंग और उड़द की खरीदी काफी लेट शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसका असर यह है कि अधिकतर किसानों ने पहले ही प्राइवेट ही अपनी फसल बेच दी है और वही जो बचे हुए किसान हैं, अब वह पंजीयन खत्म होने के बाद खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा 19 जून से 6 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन फसल मूंग और उड़द के लिए पंजीयन प्रकिया शुरू की है।
जब शुरू होगी खरीदी तब बेच चुके होंगे फसल
उल्लेखनीय है की खरीदी की प्रक्रिया देरी से शुरू होने के पहले ही कई किसानों ने अपनी मूंग और उड़द की फसल बेच दी है। वहीं अब जो किसान फसल को काटकर खरीदी का इंतजार कर रहे हैं सिर्फ वह किसान ही पंजीयन करा रहे हैं। फिलहाल अभी पंजीयन चल रहे हैं, लेकिन जब तक खरीदी की प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक आधे से ज्यादा किसानों द्वारा मूंग और उड़द की फसल बेच दी जाएगी। जिसके चलते इस वर्ष भी समर्थन मूल्य पर काफी कम मात्रा में उपार्जन होगा।
मंडियों में रही मूंग और उड़द के भरमार
ग्रीष्मकालीन फसल मूंग और उड़द की कटाई कई किसानों द्वारा मई माह में ही कर ली गई थी। इसके लिए वह शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन शासन द्वारा खरीदी शुरू होने की संभावना ना होने पर प्राइवेट रूप से ही मंडियों में अपनी फसल बेचना शुरू कर दी थी।जिसके चलते अभी भी रोजाना मंडियों में मूंग और उड़द की फसलों की भरमार देखने को मिल रही है।जहां पर फसल की क्वालिटी के हिसाब से साढे 4500 रुपए क्विंटल से लेकर 7000 रुपए क्विंटल तक किसानों को रेट मिल रहे हैं।
