
नई दिल्ली। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में 25 जून 2025 एक स्वर्णिम तारीख बन गई, जब वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। लखनऊ निवासी शुभांशु अब राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। उन्होंने अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी।
शुभांशु चार सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय दल का हिस्सा हैं, जिसमें पोलैंड और हंगरी समेत तीन अन्य देशों के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं। यह दल स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट के ज़रिए “ड्रैगन” स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर रवाना हुआ। इस ऐतिहासिक मिशन की अवधि 14 दिनों की होगी, जिसमें अंतरिक्ष यात्री विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग और शोध कार्यों में हिस्सा लेंगे।
एक्सिओम-4 मिशन को पहले कई बार स्थगित किया गया था, लेकिन अंततः 25 जून को सफलता पूर्वक लॉन्च किया गया। शुभांशु ने इस मिशन के लिए एक साल तक अमेरिका में कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया था, जिसके बाद उन्हें इस अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना गया।
गौरतलब है कि भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने 3 अप्रैल 1984 को सोवियत संघ के सहयोग से ‘सोयुज टी-11’ मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। अब चार दशक बाद, शुभांशु शुक्ला ने भारत को एक बार फिर अंतरिक्ष अन्वेषण के वैश्विक मानचित्र पर गौरव दिलाया है। देशभर से उन्हें बधाइयों का सिलसिला जारी है और हर भारतीय को उन पर गर्व है।
