नयी दिल्ली 24 जून (वार्ता) दूरसंचार कंपनियों द्वारा 5जी पर विशेष जोर दिये जाने के बल पर दिसंबर 2024 तक 2030 तक देश में इसके 29 करोड़ उपभोक्ता थे जिनकी संख्या 2030 तक बढ़कर 98 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
दूरसंचार उपरकण बनाने वाली प्रमुख कंपनी एरिक्सन द्वारा आज जारी मोबिलिटी रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। इसमें कहा गया है कि भारत में 5जी को तेजी से अपनाया जा रहा है, जो मजबूत जनसंख्या कवरेज, बढ़ती डेटा खपत और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस तैनाती में तेजी से बढ़ रहा है। 2024 के अंत तक, देश में 5जी सब्सक्रिप्शन 29 करोड़ तक पहुँच गए, जो कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 24 प्रतिशत है। यह आंकड़ा 2030 तक लगभग 98 करोड़ तक बढ़ने का अनुमान है, जो सभी मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 75 प्रतिशत है।
इसमें कहा गया है कि भारत में प्रति स्मार्टफोन उपयोगकर्ता डेटा ट्रैफ़िक वर्तमान में 32 जीबी प्रति माह है, जो दुनिया में सबसे अधिक है और 2030 तक 62 जीबी प्रति माह तक बढ़ने का अनुमान है, जो मजबूत 5 जी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता को और सशक्त बनाता है। जबकि 2024 के अंत तक 4 जी 53 प्रतिशत के साथ प्रमुख सदस्यता प्रकार बना रहा। हालांकि 2030 तक इसके घटकर 23 करोड़ ग्राहक रहने का अनुमान है, क्योंकि उपयोगकर्ता 5 जी की ओर पलायन करना जारी रखे हुये हैं। भारत की 5 जी यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार यह देश की डिजिटल रूप से समावेशी और भविष्य के लिए तैयार समाज बनाने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। इस विकास की गति को डेटा की बढ़ती मांग, व्यापक मिड-बैंड स्पेक्ट्रम कवरेज, तेजी से 5जी स्मार्टफोन अपनाने और बड़े पैमाने पर 5जी एफडब्ल्यूए की तैनाती से बढ़ावा मिला है।
एरिक्सन इंडिया के प्रबंध निदेशक नितिन बंसल ने रिपोर्ट पर कहा कि “ हम अपने भागीदारों, संचार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर देश में स्थापित किए गए मजबूत 4जी और 5जी बुनियादी ढांचे के आधार पर देश के डिजिटलीकरण का समर्थन करने पर गर्व करते हैं जो कनेक्टिविटी को सक्षम कर रहे हैं और देश में समावेशी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।
