
नरसिंहगढ़/ब्यावरा। नरसिंहगढ़ से करीब 10 किमी दूर बैरसिया और नरसिंहगढ़ रोड पर बरायठा के समीप पार्वती नदी पुल के र्जीणशीर्ण होने से आवाजाही बंद होने के कारण राजगढ़ सहित भोपाल, विदिशा और सीहोर जिले के नागरिकों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस गंभीर समस्या तथा यहां वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग को लेकर किसान कांग्रेस ग्रामीण भोपाल द्वारा सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल कर जल सत्याग्रह करते हुए नदी के पानी में खड़े होकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया.
किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण के जिलाध्यक्ष रामभाई मेहर के नेतृत्व में पार्वती नदी के यहां प्रात: 11 से शाम 4 बजे तक भूख हड़ताल की तथा इसके बाद बैरसिया एसडीएम को नदी के पानी में खड़े होकर ज्ञापन सौंपा गया.
ज्ञापन में कहा गया है कि पुल जर्जर होने से किसान बंधुओं, नागरिकों को आवागमन के साथ ही खेती संबंधी कार्यो, व्यापार आदि में भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है. इतनी गंभीर समस्या पर भी जिम्मेदारों की लापरवाही से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पार्वती नदी में खड़े होकर दिया ज्ञापन
भूख हड़ताल के बाद नदी के पानी में खड़े होकर ज्ञापन का वाचन कर बैरसिया एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में मुख्य रुप से कहा गया है कि जब तक पुल का निर्माण नहीं होता है तब तक 30 फीट चौड़े मजबूत वैकल्पिक रास्ते का निर्माण किया जाए ताकि आवागमन में सुविधा हो सके. इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, ग्र्रामीणजन उपस्थित रहे. इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.
10 की जगह 50 किमी का सफर
पुल के पार बैरसिया, नजीराबाद, रुनाया, मंगलगढ़ सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का नरसिंहगढ़ स्थित कृषि मंडी एवं अन्य व्यापारिक कार्यो से आना-जाना होता है. पार्वती नदी पुल पार करके बैरसिया से नरसिंहगढ़ की दूरी करीब 10 किमी है. परन्तु पुल से आवाजाही बंद होने के कारण अब सेमलापार, लखनवास होते हुए इन गांवों के ग्रामीणों को नरसिंहगढ़ पहुंचना पड़ता है. ऐसे में 40 से 50 किमी की दूरी तय करना पड़ रही है. जिससे काफी आर्थिक वहन उठाना पड़ रहा है.
मंडी का व्यापार हुआ कम
पार्वती नदी पुल के पार से अधिकांशत: ग्रामीणजन उपज लेकर नरसिंहगढ़ मंडी आते है. अब पुल से आवाजाही बंद होने के बाद अब यदि ग्रामीणजन नरसिंहगढ़ आ रहे है तो उन्हें काफी लम्बी दूरी तय कर आना पड़ रहा है. इस समस्या को देखते हुए अनेक लोग नरसिंहगढ़ मंडी में नहीं आते हुए अन्य समीप स्थान पर मौजूद मंडी में पहुंच रहे है या फिर बाजार में उपज बेच रहे है. ऐसे में नरसिंहगढ़ मंडी में आवक काफी प्रभावित होना सामने आई है.
