डिजिटल अरेस्ट सायबर ठगी के अंत्तराष्ट्रीय नेटवर्क को पुलिस ने किया ध्वस्त

भोपाल, 23 जून (वार्ता) विदेशी तकनीक से संचालित ‘डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी’ में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े गिरोह के दो आरोपी को पुलिस ने मुम्बई से गिरफ्तार कर 14 लाख की ठगी का मामला सुलझा लिया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सायबर ठगी के हाई-टेक मामले में आरोपियों के कब्जे से थाईलैंड से मंगवाए गए भारत मे प्रतिबंधित 12 सिम बॉक्स, एयरटेल कंपनी के करीब 1700 सिमकार्ड, 03 लैपटाप, 01 लाख 50 हजार रूपये नगद, विदेशी करेन्सी सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री एवं दस्तावेज कुल मशरूका कीमती करीब 27 लाख 10 हजार रूपये का जप्त किया गया है।

पन्ना पुलिस द्वारा आई4सीडॉट एवं स्टेट सायबर पुलिस सहित मध्यप्रदेश एवं देश की विभिन्न तकनीकि एजेन्सियों से विवेचना में सहयोग लिया जा रहा।

पुलिस अधीक्षक पन्ना सांई कृष्ण एस. थोटा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना सुश्री वंदना चौहान तथा एसडीओपी पन्ना एस.पी. सिंह बघेल के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पन्ना एवं पुलिस सायबर सेल टीम पन्ना की संयुक्त टीम द्वारा डिजिटल अरेस्ट के मामले में फरिया दिया से 14 लाख रूपये की धोखाधड़ी करने वाले 02 आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है।

मामले में फरियादिया अंशु शर्मा निवासी धाम मोहल्ला पन्ना द्वारा 07 फरवरी को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कॉल कर उसे “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दी गई एवं कहा गया कि आपकी आईडी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाई गई है। इस प्रकार मानसिक भय एवं भ्रम की स्थिति बनाकर अज्ञात आरोपियों द्वारा फरियादिया से कुल 14,00,000 (चौदह लाख रुपए) की राशि धोखाधड़ी से आरटीजीएस के माध्यम से अपने खातों में जमा करवा ली गई है। फरियादिया की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस ने तकनीकि साक्ष्यो के आधार 02 संदेही व्यक्तियों को मुंबई से पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूँछताछ की गई, प्रारंभिक पूछताछ में संदेहियों द्वारा अपराध स्वीकार किया गया। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से कड़ाई से पूँछताछ किये जाने पर आरोपियों द्वारा बताया गया कि टेलीग्राम के माध्यम से हम लोगो की दोस्ती थाईलैण्ड, कम्बोडिया में रहने वाले विदेशी लोगो से हुई थी। कुछ समय बाद थाईलैण्ड में रहने वाले एक टेलीग्राम यूजर द्वारा हम लोगो से टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क करके सिमबॉक्स के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये कहा गया कि इस समय भारत में सिमबॉक्स के माध्यम से फ्रॉड कर लाभ लेने का बहुत अच्छा स्कोप है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हम लोग उक्त टेलीग्राम यूजर को बॉस नाम से जानते हैं। इसके बाद बॉस द्वारा कुरीयर के माध्यम से सिमबॉक्स हमारे पास भेजे गये। सिमबॉक्स के संबंध में बॉस से जानकारी लेकर हम लोगो ने मुबंई में किराये के फ्लैट में एक सेटअप तैयार किया। बॉस द्वारा एक ऐसा ही सेटअप थाईलैण्ड में होने की बात हम लोगो को बताई थी । उक्त प्रतिबंधित “सिम बॉक्स” के माध्यम से वॉयस कॉल को लोकल कॉल में कन्वर्ट करके हम लोग, भारत में रहने वाले लोगों को भ्रमित कर “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी करते हैं। बॉस के कहने पर हम लोगो कई बार एयरटेल कंपनी की सिमकार्ड भारत से लेकर थाईलैण्ड, कम्बोडिया बॉस को जा चुके है जो बॉस द्वारा एयरपोर्ट के पास ही अलग-अलग व्यक्तियों को सिम दिलवाई जाकर विदेशी करेन्सी में भुगतान किया जाता था।

इस मामले में ऋषिकेश जिला कोल्हापुर, महाराष्ट्र और सुरेश गुड़ीमनी मानपाड़ा जिला थाणे महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया गया है।

 

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