उज्जैन: शिप्रा किनारे पर 29 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जाने की निर्माण प्रक्रिया भूमि पूजन के बाद से ही प्रारंभ हो गई थी. इसमें किसानों की जमीन भी जा रही है. जमीन कितनी जाएगी, इस बात का सर्वे किया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इन घाटों की महत्ता पूर्व में ही बता चुके हैं.
नवभारत से चर्चा में जल संसाधन के अधिकारियों ने बताया कि घाट निर्माण में कई किसानों की जमीन भी ली जाएगी. इसके लिए पटवारी द्वारा सर्वे प्रारंभ कर दिया गया है. हाल फिलहाल 6 गांव का सर्वे पूर्ण हो चुका है. बाकी लगातार यह सर्वे जारी रहेगा. शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक बनने वाले 29 किलोमीटर घाट के तहत कितने किसानों की कितनी जमीन जाएगी, यह अभी किसी को नहीं पता है.
