तेहरान सहित कई शहरों में सैन्य हमलों और विस्फोटों के बाद बढ़ी चिंता; भारतीय दूतावास सक्रिय, छात्रों और परिजनों को सुरक्षित वापसी का आश्वासन।
तेहरान, 16 जून (वार्ता): इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण ईरान में फंसे सैकड़ों भारतीय छात्र अब वतन वापसी के लिए भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं। ईरान के कई शहरों में सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों और विस्फोटों की खबरों के बीच इन छात्रों और उनके परिजनों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, जिसके बाद भारतीय दूतावास ने स्थिति पर करीब से नजर रखनी शुरू कर दी है और एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
तेहरान, मशहद और अन्य प्रमुख शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय छात्र, जो मुख्य रूप से चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अध्ययनरत हैं, अचानक पैदा हुए इस संकट से घबराए हुए हैं। कई छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत सरकार से तत्काल उन्हें निकालने की अपील की है। कुछ छात्रों ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी खराब स्थिति और सुरक्षा को लेकर डर व्यक्त किया है। उनका कहना है कि धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं और अनिश्चितता का माहौल है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं। इन अपीलों के बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय हो गए हैं। दूतावास ने छात्रों को अपने परिसर में रहने और किसी भी अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही, दूतावास ने यह भी आश्वासन दिया है कि वे ईरान सरकार के संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
दूतावास ने एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है और सभी भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों से पंजीकरण कराने का आग्रह किया है ताकि उनकी स्थिति का पता लगाया जा सके और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके। इंदौर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले छात्रों के परिजन भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और लगातार सरकार से संपर्क साध रहे हैं। यह स्थिति भारतीय विदेश नीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि उसे न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी है, बल्कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनयिक प्रयासों में भी योगदान देना है।

