जबलपुर: यूरोप के सबसे बड़े मेडिटेशन फेस्टिवल्स में ओशो के मेडिटेशन का अभ्यास करते हुए सभी ने असीम आनंद की अनुभूति की। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में गत दिवस हुए फेस्ट में ओशो होम आश्रम जबलपुर से ओशो अनुयायी स्वामी श्रीला प्रेम पारस ने सभी को ओशो के विशेष ध्यान का अभ्यास करवाया। साथ ही बताया कि ओशो ने किस तरह ध्यान और अध्यात्म का मार्ग दिखाते हुए लोगों के जीवन में उत्साह का संचार किया। इस फेस्ट में जर्मनी, ऑस्ट्रिया और सिंगापुर, स्पेन, यूएसए से लोग शामिल हुए।
स्वामी श्रीला प्रेम पारस ने आर्ट ऑफ डेथ मेडिटेशन, ओंकार की अनुभूति, प्रेम और साइलेंस की अनुभूति, माइंड फ़ुलनेस जैसे ध्यान का अभ्यास करवाया। उन्होंने हिमालय के ऋषि मुनियों और विभिन्न गुरुओं द्वारा बताए गए ध्यान की अनुभूति भी लोगों को करवाई। स्वामी श्रीला प्रेम पारस ने आगे बताया कि ये फेस्टिवल विगत दस वर्षों से आयोजित किया जा रहा है लेकिन कोविड के चलते कुछ वर्षों बाद अब यह दोबारा प्रारंभ किया गया है। इस दौरान आध्यात्मिक रूप में लोगों को मां नर्मदा की अनुभूति भी करवाई गई।
