
सीधी।भीषण गर्मी के कहर के बीच 16 जून से स्कूल खुलेंगे। ऐसे में नौनिहालों का होगा हाल-बेहाल होगा। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश सरकार ने तापमान को दृष्टिगत रखते हुए स्कूलों की ग्रीष्मकालीन छुट्टी बढ़ा दी हैं। छत्तीसगढ़ में 25 और उत्तर प्रदेश में 30 जून तक सभी स्कूलें बंद रहेगी।
चिलचिलाती धूप और लगातार बढ़ते तापमान के बीच नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ 18 जून मंगलवार से होने जा रहा है। वहीं कई निजी स्कूलें कल 16 जून से शुरु हो जायेंगी। लेकिन बढ़ते पारे ने स्कूलों में पहुंचने वाले बच्चों के सामने कई समस्याएं खड़ी कर दी हैं। ऐसी स्थिति में कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से भी परहेज कर रहे है। अभिभावकों का मानना है कि तेज गर्मी का बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है। अत: स्कूल शिक्षा विभाग से मांग है कि सभी स्कूलों का समय परिवर्तन कर सुबह की पाली में लगाया जाए या फिर छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई जाएं।
उधर कुछ अभिभावकों का कहना था कि स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल के एसी चेम्बर में बैठने वाले अधिकारियों को यह मालूम नहीं है कि वर्तमान में भीषण गर्मी के चलते लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। भीषण गर्मी में जहां बड़ों का हाल बेहाल है ऐसे में मासूम नौनिहालों की स्कूलों में क्या हालत होगी। भीषण गर्मी में स्कूल जाना छोटे बच्चों के लिये काफी जोखिम भरा साबित हो सकता है। लू लगने से कई बच्चों का बीमार होना भी लाजमी है। इसको देखते हुये राज्य सरकार को स्कूलों का संचालन 1 जुलाई करने का आदेश जारी करना चाहिये।
कुछ निजी विद्यालयों ने एक सप्ताह की छुट्टी बढ़ाई
भीषण गर्मी के चलते कुछ निजी विद्यालयों ने एक सप्ताह की छुट्टी और बढ़ा दी है। जिससे मानसून के सक्रिय हो जाने पर भीषण गर्मी का प्रकोप कम हो सके। इसी तरह की मांग अभिभावकों द्वारा सभी विद्यालयों के लिये की जा रही है जिससे भीषण गर्मी में फिलहाल नौनिहालों को विद्यालय जाने की मजबूरी खत्म हो सके। भीषण गर्मी में जहां सुबह से ही सूर्य देव की किरणें आग बरसाना शुरू कर देती हैं ऐसे में नौनिहालों को विद्यालय जाना किसी भी हालत में सुरक्षित नहीं माना जा सकता। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मनमानी तौर पर 16 जून से ही विद्यालयों का संचालन शुरू करने कर फरमान जारी किया गया, जिसका विरोध हो रहा है।
तेज गर्मी से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी में कल से स्कूल का संचालन सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। ऐसे में निश्चित ही इसका विपरीत असर छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसलिए शासन से मांग है कि छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी सभी स्कूलों की छुट्टियां 25 जून तक बढ़ाई जाना चाहिए। बता दें कि भीषण गर्मी को देखते हुए पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ ने छात्रों के स्वास्थ्य पर पडऩे वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि 25 जून तक बढ़ा दी है।
इनका कहना है
इतने उच्च तापमान में बच्चों का विद्यालय आना उनके स्वास्थ्य के लिए साथ ही अभिभावक एवं शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि होना नितांत आवश्यक है। छात्रहित में ग्रीष्मकालीन अवकाश विद्यालयों में पूर्व की भांति 01 मई से 30 जून तक होना चाहिए।
विजय तिवारी, प्रांतीय उपाध्यक्ष आजाद अध्यापक शिक्षक संघ म.प्र.
राज्य शासन के आदेश पर पूरे प्रदेश में विद्यालयों को 16 जून 2025 से संचालित होना है। भीषण गर्मी को देखते हुये उनके द्वारा सुबह 7:30 बजे से 12:00 बजे तक विद्यालय का संचालन करने के लिये आदेश कल जारी कर दिये जायेंगे। विद्यालय अभी संचालित न हों यह आदेश राज्य स्तर से ही जारी हो सकता है।
पवन कुमार सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सीधी
