मुंबई, 14 जून (वार्ता) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भारत में अपने संस्थान खोलेंगे, जबकि भारतीय शिक्षण संस्थान विदेशों में अपनी शाखाएं खोल सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप भारतीय छात्रों को कम लागत पर विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), सिम्बायोसिस जैसे भारतीय संस्थान विदेशों में खुल चुके हैं, इसी तरह विदेशी विश्वविद्यालय भारत में आएंगे और शिक्षा प्रदान करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत के विकास एवं शिक्षा के क्षेत्र में उसे आगे ले जाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
श्री प्रधान ने आगे कहा कि मुंबई देश की वित्तीय राजधानी है और आने वाले समय में पांच विदेशी विश्वविद्यालय इसे शिक्षा का केंद्र बनाएंगे।
