भोपाल, 13 जून (वार्ता) मध्यप्रदेश में आगामी 19 जून से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग उपार्जन की प्रक्रिया प्रारंभ करने की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा के बाद से राज्य में इसे लेकर राजनीति शुरु हो गई है।
कांग्रेस इसे लेकर सरकार को घेरे में लेते हुए इसे किसानों और कांग्रेस की आंदोलन की चेतावनी का असर बता रही है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कल इस बारे में घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी दी, ”मध्यप्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन के लिए 19 जून से पंजीयन प्रारम्भ होगा। इस संबंध में मेरी माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी से चर्चा हुई है। उपार्जन के लिए राज्य की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।”
इसी बीच कांग्रेस ने दावा किया है कि सरकार को कांग्रेस के दबाव के आगे झुकना पड़ा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने बयान में कहा कि ये किसानों की एकता और जागरूकता की जीत है।
श्री पटवारी ने कहा कि यह वही सरकार है, जिसने पिछले दिनों किसान संघ के नेता को भी मूंग खरीदी से मना कर दिया था, यह कहकर कि राज्य सरकार की ऐसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन जब पूरे प्रदेश के किसान एक स्वर में उठ खड़े हुए, धरातल पर आंदोलन की चेतावनी दी, तब जाकर सरकार की नींद खुली।
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस संबंध में कहा कि किसानों की एकजुटता और कांग्रेस के लगातार संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी मूंग की फसल को ‘ज़हर’ बता रहे थे, वे आज उसी की खरीदी के आदेश देने को मजबूर हुए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार शुरू से ही मूंग नहीं खरीदना चाहती थी, उसके बाद उन्होंने 23 मई को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस संबंध में पत्र लिखा, जिसके बाद किसानों की एकजुटता और कांग्रेस पार्टी के प्रयासों ने अंततः भाजपा सरकार की नींद तोड़ी।
