जबलपुर: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से जूनियर डॉक्टर शिवांश गुप्ता ने गुरूवार को छलांग लगाकर मौत को गले लगा लिया था। शुक्रवार को जूडा के परिजन शहर पहुंचे जो बेटे के शव को देखकर चीख पुकार मचाते रहे, उनकी आंख से आंसू थमने का नहीं रहे थे, उन्हेंं यकीन ही नहीं हो रहा था कि डॉक्टर बनने का सपना लेकर शहर पहुंचा उनका बेटा अब दुनिया में नहीं रहा।
परिजन शव से लिपटकर रोते बिलखत रहे। इसके बाद पीएम हुआ। पीएम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। देह को परिजन अंतिम संस्कार के लिए लेकर रीवा रवाना हो गए। मामले में परिजनों ने सीनियर्स डॉक्टरों पर रैगिंग का भी अरोप लगाया हैं। वहीं मामले में प्रेम प्रसंग का एंगल भी निकलकर सामने आया हैं। पुलिस मर्ग कायम कर सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही हैं।
तीन घंटे रैगिंग, सबको पता, एक्शन नहीं: दिनेश
परिजनों ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया। मृतक के चाचा दिनेश कुमार ने बताया कि सुसाइड के पहले भतीजे नेे मां से फोन पर बात की, उसने नई बाइक खरीदीं है जिस पर सीनियर रैंगिंग कर उसे परेशान कर रहे हैं, तीन घंटे तक उसे परेशान किया गया। जिसकी जानकारी उसके दोस्तों को भी हैं लेकिन कोई कुछ नहीं बोल रहा हैं, मेडिकल में रेंगिंग चल रहा है लेकिन पुलिस प्रशासन कोई एक्शन नहीं ले रहा हैं। उन्होंने कहा कि दोस्तों से अगर पूछताछ हो और उनके मोबाइलों की जांच कराई जाएं तो हकीकत सामने आ जायेगी। परिजनों ने मामले में उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है।
डीन ने बनाई जांच कमेटी
मेडिकल डीन नवनीत सक्सेना ने मामले में जांच कमेटी गठित कर दी हैं। साथ ही जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सौंपने के लिए कहा गया हैं। पांच सदस्यीय जांच कमेटी जूनियर डॉक्टर आत्महत्या किन कारणों से की है इसके साथ ही अन्य बिन्दुओं पर जांच होगी।
जल्द होगे बयान दर्ज
पुलिस मामले की जांच मेंं जुट गई है। पुलिस मृतक छात्र के परिजनों, सहपाठी व मेडिकल प्रबंधन से जल्द ही पूछताछ कर उनके बयान दर्ज करेगी।
