
जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से जूनियर डॉक्टर ने कल छलांग लगाकर मौत को गले लगा लिया था। इस मामले में परिजनों का आरोप है कि सीनियर्स की रैगिंग से भी उनका बेटा परेशान था। उसने नई बाइक खरीदी थी जिसको लेकर भी सीनियर डॉक्टर उसको आए दिन परेशान करते थे, साथ ही रैगिंग भी करते थे। बताया जाता है कि जूनियर डॉक्टर ने मां को फोन कर सीनियर स्टूडेंट द्वारा रैगिंग किए जाने की बात बताई थी इसकी वजह उसने नई मोटर साइकिल खरीदना बताया था। परिजनों ने मामले में उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है मेडिकल डीन ने जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी भी बना दी है।
विदित हो कि मूलत: रीवा निवासी शिवांश गुप्ता पिता संतोष दुबे 20 वर्ष मेडिकल कॉलेज में फस्ट ईयर का स्टूडेंट था। हॉस्टल नंबर चार में रह रहा था। गुरूवार को सुबह करीब 12 बजे वह हॉस्टल की तीसरी मंजिल से अचानक कूद गया था, जूनियर डॉक्टर ने इलाज के दौरान 2:15 बजे दम तोड़ दिया था।
