इंदौर: जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के मुख्य आतिथ्य में आज देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागार में जल संवर्धन में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.राकेश सिंघई ने की. इस अवसर पर प्रो. राजीव दीक्षित, डॉ. अजय शर्मा सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्राध्यापक, प्रोफेसर्स, शिक्षकगण आदि मौजूद थे.
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री सिलावट ने कहा कि विकसित भारत के सपने की बुनियाद जल है. जल का संवर्धन करना अत्यंत जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमें हमारी पुरानी धरोहर जैसे तालाब, नदी, बावड़ी, कुएं आदि का संरक्षण एवं रखरखाव करना है, साथ ही इन धरोहरों को अतिक्रमण मुक्त भी करना है. पुरानी संस्कृति एवं इतिहास को देखें तो देश के प्रत्येक बड़े शहर एवं कस्बे किसी न किसी नदी के किनारे बसें है. आज यदि हम उनका संरक्षण नहीं करेंगे तो आने वाली पीढी के लिए बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा. इस पुनीत कार्य में शैक्षणिक संस्थानों की महती भूमिका आवश्यक है.
