जबलपुर: एक ओर कैंट विधायक अशोक रोहाणी कई बार दावा कर चुके हैं कि कैंट क्षेत्र की जनता पानी के लिए कभी मोहताज नहीं होगी वहीं दूसरी तरफ हकीकत जब सामने आती है तो पता चलता है कि गर्मी के समय पिछले दो माह ये करौंदी में भारी जलसंकट छाया हुआ है। जलसंकट से परेशान लोग सोमवार को अंतत: कैंट बोर्ड सदस्य, पूर्व पार्षद के साथ एकत्रित होकर कैंट सीईओ अभिमन्यु सिंह के बंगले के बाहर बैठ गए।
आक्रोशित लोगों का कहना था कि न तो जलसंकट से निजात दिलाने में कैंट विधायक उनकी कोई मदद कर रहे हैं और न ही कैंटोन्मेंट बोर्ड कोई मदद कर रहा है। करौंदी में व्याप्त जलसंकट से जूझ रहे रहवासियों ने नवभारत को बताया कि कई बार कैंटोन्मेंट बोर्ड कार्यालय में लिखित शिकायत की गई कि जलसंकट से उन्हें निजात दिलाई जाए लेकिन उनकी समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
पूर्व पार्षद राजीत यादव के अनुसार करौंदी के टैगोर कैंट पब्लिक स्कूल में एक कुंआं लगा है जहां से पेयजल की आपूर्ति की जाती है लेकिन इन दिनों कुएं में लगी मोटर भी काम करना बंद कर दी है जबकि स्कूल में करीब 600 बच्चे अध्ययन करने आते हैं। इन सभी समस्याओं के बीच ये तो स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि जनता की समस्या से कैंट बोर्ड प्रशासन और कैंट विधायक को कोई लेना देना नहीं है। दावे, भाषण के दौर तक ही जनप्रतिनिधि सीमित होकर रहे हैं और जनता दूसरी तरफ जलसंकट से जूझती नजर आ रही है।
