श्रीनगर 02 जून (वार्ता) जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि प्रदेश में कोई भी राजनीतिक प्रक्रिया कश्मीरी पंडित समुदाय की भागीदारी के बिना अधूरी है।
सुश्री मुफ्ती ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर में कोई भी राजनीतिक प्रक्रिया कश्मीरी पंडितों की भागीदारी के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा, ‘जो लोग कश्मीर घाटी में वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें अपने-अपने जिलों में एक या दो कमरे बनाने के लिए जमीन का एक टुकड़ा दिया जाना चाहिए ताकि जब भी वे वापस लौटना शुरू करें तो मुस्लिम भाइयों के साथ बातचीत कर सकें।’
उन्होंने यह भी कहा कि घाटी में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर एक व्यापक दस्तावेज के रूप में एक प्रस्ताव उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी सौंपा गया है। उन्होंने कहा, ‘हमने यह भी सुझाव दिया है कि प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत कश्मीर घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडितों के लिए कठोर स्थानांतरण नीति नहीं होनी चाहिए, ताकि वे आराम से और बिना किसी डर के सेवा कर सकें।’
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नामांकन के बजाय कश्मीरी पंडित उम्मीदवारों के लिए कश्मीर घाटी से दो सीटें आरक्षित की जानी चाहिए इससे राजनीतिक सशक्तीकरण में मदद मिलेगी। जम्मू-कश्मीर में हर राजनीतिक दल, चाहे वह किसी भी विचारधारा का हो, ने घाटी में समुदाय की वापसी के विचार का लगातार समर्थन किया है।
अमरनाथ यात्रा के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘कश्मीर के लोग पूरे दिल से यात्रा में भाग लेना चाहते हैं और तीर्थयात्रियों की सुविधा में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।’
इससे पहले सुश्री मुफ्ती ने राजभवन में प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की।
राजभवन प्रवक्ता के अनुसार सुश्री मुफ्ती ने श्री अमरनाथ यात्रा के सुचारू संचालन और घाटी में कश्मीरी पंडित समुदाय की सम्मानजनक वापसी और पुनर्वास सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की।
