रायसेन। रेत ठेकेदार सरकार के अनुबंध में लिखी शर्तों का उल्लंघन कर नर्मदा नदी से रेत का उत्खनन कर रहे हैं। रेत निकालने के लिए नर्मदा नदी की धार रोककर पुल और सड़क बनाने में भी संकोच नहीं किया जा रहा है। बौरास उदयपुरा कैलकच्छ देवरी बगलवाड़ा बरेली केतोधान में नर्मदा की धार रोककर करीब 500 मीटर से ज्यादा लंबी सड़क बना दी गई है। जिससे जेसीबी के साथ अंदर तक पहुंच जाते हैं। रेत निकालने का यह अवैध तरीका नर्मदा नदी के बहाव के लिए बाधा बन गया है। नर्मदा नदी में पानी के बहाव की गति निरंतर सामान्य से कम होती जा रही है। प्रशासन ने जल्द इस तरह ध्यान नहीं दिया तो यह आने वाले समय में काफी मुश्किल पैदा करने वाला होगा।
इधर,जिले की नर्मदा नदी के घाटों पर जिला खनिज विभाग और खनिज विकास निगम की 56 खदानें हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार नर्मदा नदी से रेत उत्खनन की शर्त के हिसाब से नदी की बहाव में बाधा उत्पन्न कर रेत निकालना नियमों के खिलाफ है। इस समय नर्मदा नदी में करीब 35 जगह से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जिले में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति बनी हुई है। इस समिति में राजस्व, पुलिस और माइनिंग के अफसर शामिल हैं। लेकिन बीते करीब 7 से 8 महीने में जिला टास्क फोर्स समिति ने एक बार भी नर्मदा नदी की रेत खदानों का मुआयना नहीं किया है।जिला टास्क फोर्स समिति रेत खदानों पर स्टॉक रजिस्टर रॉयल्टी अवैध परिवहन आदि की जांच निरन्तर करती थी।
इनका कहना है
समय समय पर रेत से भरे डंपर ट्रैक्टर ट्रॉली की जांच कर रॉयल्टी और ओवरलोडिंग देखी जा रही है।अगर अवैध रेत उत्खनन की जानकारी मिली तो धरपकड़ की कार्रवाई कर जुर्माना किया जाता है।
सुमित गुप्ता जिला खनिज अधिकारी रायसेन
