
सीहोर. प्रवेश उत्सव के दौरान ही स्कूलों में बच्चों को किताबें बांटने के निर्देश शिक्षा विभाग ने दिए थे. बच्चों की संख्या के मान से किताबों का ऑर्डर भी दे दिया गया और किताबें आ भी गईं. जिला मुख्यालय से बीआरसी स्तर तक किताबें पहुंच गईं, लेकिन ब्लॉक स्तर पर ही किताबें धूल खा रही हैं.पूरा महीना बच्चों का बिना किताबों के निकला. इसे संजीदगी से लेते हुए कलेक्टर बालागुरू के ने सभी बीआरसी को निर्देशित किया है कि 31 मई तक सभी स्कूलों में पुस्तकें पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए तथा इसका प्रमाणीकरण 5 जून की बैठक में प्रस्तुत किया जाए.
जिले में पांचों ब्लॉक के लिए 5 लाख 15 हजार 294 किताबों का ऑर्डर किया गया था. इसमें से 5 लाख 13 हजार 827 किताबों प्राप्त हुई हैं. जिला मुख्यालय से बीआरसी स्तर तक 4 लाख 94 हजार 801 किताबें ही पहुंच सकी हैं. यहां से 4 लाख 7 हजार 585 किताबों को शाला तक पहुंचाने के आदेश हुए थे. लेकिन अब तक एक भी किताब बच्चों को वितरित नहीं की गई हैं. हालांकि राज्य शिक्षा केंद्र का दावा है कि इनमें से 3 लाख 71 हजार 371 यानी कि 91.11 प्रतिशत किताबें बच्चों को बांटने के लिए शाला तक पहुंच गई हैं. कलेक्टर ने जिले के सभी बीआरसी से स्कूलों से मिला प्रमाण-पत्र 5 जून को होने वाले समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्पष्ट हो सके कि किताबें स्कूल तक पहुंची हैं या नहीं.अब देखना है कि इन निर्देशों का कितना पालन होता है.
एफएलएन योजना की किताबों की भी यही स्थिति
जिले में एफएलएन योजना के तहत 3 लाख 28 हजार 014 किताबों का ऑर्डर दिया गया था. इसमें से 1 लाख 37 हजार 972 किताबे बीआरसी तक पहुंचाई गईं. बीआरसी कार्यालय से 1 लाख 2 हजार 5 किताबों शालाओं तक पहुंचाने के आदेश दिए गए, लेकिन शालाओं तक मात्र 40 हजार 709 किताबें ही पहुंची हैं. यानी कि शालाओं में अब तक मात्र 39.92 प्रतिशत किताबें ही पहुंची. यहां भी स्थिति यही है कि विद्यार्थियों को एक भी पुस्तक वितरित नहीं की गई.
जानकारी मिलने के बाद दिए हैं निर्देश
यह बात सामने आई थी कि शत प्रतिशत किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंची हैं। इस संबंध में जानकारी सामने आने के बाद सभी बीआरसी को निर्देश दिए हैं कि 31 मई तक शत-प्रतिशत किताबें स्कूलों तक पहुंचाई जाएं। 5 जून को होने वाली समीक्ष बैठक में किताबें स्कूल तक पहुंचने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश बीआरसी को दिए हैं।
बालागुरू के.
कलेक्टर
