कल्चरल सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी में भारत की छवि विश्व में बदलने की शक्ति: शेखावत

नयी दिल्ली, 30 मई (वार्ता) केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने जिस तेजी और क्षमता के साथ प्रगति की है, उससे पूरे विश्व में भारत को देखने का नजरिया बदला है। हमारी कल्चरल सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी भारत की छवि वैश्विक रुप से बदलने की क्षमता रखती है।

शुक्रवार को सीआईआई ‘एनुअल बिजनेस समिट 2025’ में श्री शेखावत ने कहा कि जिस तेजी से हमारी अर्थव्यवस्था का विकास हो रहा है, उतनी ही तेजी से देश का पर्यटन क्षेत्र आगे बढ़ रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10 प्रतिशत योगदान पर्यटन क्षेत्र का होता है। वैश्विक पैमाने के अंतर्गत वर्ष 2030 तक हमारा पर्यटन क्षेत्र भी देश की जीडीपी में 10 प्रतिशत योगदान देगा। हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्येक सात-आठ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था दोगुनी हो रही है। आज हम लगभग चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है। वर्ष 2047 तक यह 32 ट्रिलियन डॉलर होगी, यानी आज हमारी जितनी बड़ी अर्थव्यवस्था है, उस समय अकेले इतना बढ़ा देश का पर्यटन क्षेत्र होगा।

श्री शेखावत ने कहा कि भारत के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर देश की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए अवसंरचना निर्माण पहली आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक्सप्रेसवे और डेढ़ लाख किलोमीटर के हाइवे बने हैं। नया मॉडर्न रेलवे अवसंरचना तैयार हुआ, नए हवाईअड्डे बने। हालांकि, अभी बहुत काम बाकी हैं। हवाई जहाजों की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है। भविष्य में देश में 3,000 हवाई जहाज आने वाले हैं। श्री शेखावत ने मजाकिया लहजे में कहा कि अभी तो ट्रैफिक जाम सिर्फ धौलाकुआं पर होता है लेकिन इन हवाई जहाजों के बाद पता नहीं, आकाश में भी ट्रैफिक जाम होने लगेगा।

श्री शेखावत ने कहा कि भारत की चीजों के प्रति पूरी दुनिया में एक आकर्षण बना हुआ है। योग दिवस आने वाला है। पूरी दुनिया योग दिवस मनाती है। भारत के आयुर्वेद की स्वीकार्यता पूरे विश्व में है। हमारे यहां से निकले ज्ञान-विज्ञान को पूरे विश्व में पहचान मिलने लगी है। जैसे-जैसे भारत की परिस्थितियां बदल रही हैं, वैसे-वैसे भारत की सॉफ्ट डिप्लोमेसी की ताकत बढ़ती जा रही है।

धार्मिक पर्यटन की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले उज्जैन में श्री महाकाल मंदिर में साल भर में 10 लाख लोग पहुंचते थे, वहीं अब केवल एक सप्ताह में 10 लाख लोग पहुंच रहे हैं। यह केवल महाकाल का कॉरिडोर बनने से बढ़ी संख्या नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के गरीबी से निकलने को दर्शाता है। उन्होंने मोदी सरकार की पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए चल रही प्रसाद और स्वदेश दर्शन योजना को महत्वपूर्ण बताया।

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