रीवा: चाकघाट के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भले ही करोड़ों की लागत से भव्य भवन बना दिया गया हो, आईसीयू केंद्र एवं एक्सरे मशीन की व्यवस्था हो गई हो किंतु यहां पदस्थ चिकित्सकों के नियमित रूप से यहां न रहने के कारण अस्पताल की सारी व्यवस्था चरमरा गई है। जिसके कारण यहां के मरीजों को मजबूर होकर निजी चिकित्सालय में जाना पड़ रहा है। रीवा के जिला चिकित्सा अधिकारी चाकघाट स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति के बारे में कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे यहां डॉक्टरों का अभाव बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार चाकघाट के शासकीय चिकित्सालय में डॉक्टर हरी सिंह, डॉक्टर प्रदीप तिवारी, डॉक्टर नीरज चतुर्वेदी के अतिरिक्त वांड्य वाले यहां पर 3 चिकित्सक यहां पदस्थ हैं जो यहां मात्र खानापूर्ति और कर अपना समय पास कर रहे हैं। डॉक्टर आदर्श सिंह, डॉक्टर निष्ठा त्रिपाठी, डॉ अनुपमा त्रिपाठी एवं डॉक्टर अखिलेश मिश्रा यहां सरकारी वांड के तहत डॉक्टर रत्नेश मिश्रा को त्योंथर अटैच कर दिया गया है।
इसके अलावा अन्य वांड वाले चिकित्सक यहां उपस्थित नहीं रहते। यहां के प्रभारी डॉक्टर नीरज चतुर्वेदी द्वारा अधिकारियों के अनुपस्थिति की बराबर इसकी सूचना दी जा रही है। लोगों का मानना है कि यहां के अस्पताल में नियुक्त की चिकित्सकों की सूची में सात व्यक्ति हैं लेकिन काम करने के नाम पर यहां डॉक्टरों का अभाव बना हुआ है। यदि वांड वाले चिकित्सा यहां निर्धारित समय के साथ नियमित रूप से रहे तो मरीजों का भला हो सकता है।
यहां एक लंबे समय से एक्सरे मशीन आकर रखी हुई है किंतु उसे अभी तक चालू नहीं किया गया है एक्स-रे मशीन के प्रारंभ हो जाने से यहां के मरीजों को बहुत लाभ मिल सकता है यहां पर महिला चिकित्साक का अभाव है। यदि रीवा से सप्ताह में एक य दो दिन के लिए भी महिला चिकित्सक यहां उपलब्ध हो जाए तो इस क्षेत्र में महिला रोगियों को काफी सुविधा मिल सकती है।
