नयी दिल्ली, 29 मई (वार्ता) गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने गुरुवार को यहां केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की।
सरकारी सूत्रों ने यहां बताया कि यह मुलाकात सौहार्द्रपूर्ण एवं विचारोत्तेजक रही। बैठक में दोनों नेताओं के बीच प्राकृतिक कृषि और सहकारिता क्षेत्र के अंतर्संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। श्री शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि सहकारिता और प्राकृतिक कृषि का संगम भारत को न केवल आत्मनिर्भर बनायेगा, बल्कि एक स्थायी, स्वास्थ्यप्रद और पर्यावरण-मित्र भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।
श्री देवव्रत ने इस अवसर पर कहा कि सहकारी संस्थाओं की भागीदारी से प्राकृतिक कृषि की व्यापकता संभव है। सहकारिता का ढांचा ग्रामीण भारत में सबसे अधिक सशक्त और गहराई तक जुड़ा हुआ है, जो किसानों तक प्राकृतिक खेती की विधियों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है, जिसका वैश्विक विषय है, सहकारिता एक बेहतर विश्व का निर्माण करती है। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान की भावना को और अधिक सशक्त बनाने के लिये आने वाले दिनों में गुजरात राजभवन में भी एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए सहकारी संस्थाओं की भूमिका, उनके व्यावसायिक मॉडल, वित्तीय पारदर्शिता और किसानों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव पर गहन विमर्श होगा।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्राकृतिक कृषि और सहकारिता का यह संगम प्राकृतिक कृषि के लक्ष्य को प्राप्त करने में महती भूमिका निभायेगा।
