इंदौर: जिले के ग्रामीण सड़कों पर कई जगह दुर्घटना स्थल (ब्लैक स्पॉट) चिन्हित है. उक्त ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए ट्रैफिक इंजीनियरिंग को मौके पर जाकर समझना होगा. आज संभागायुक्त कार्यालय में ब्लैक स्पॉट को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई.इंदौर (ग्रामीण) अंतर्गत 91 चिन्हित ब्लैक स्पॉट को खत्म करने की कार्रवाई पर प्रगति रिपोर्ट देख कर समीक्षा की.
सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वे ऐसी कार्ययोजना बनाएं, जिसमें ब्लैक स्पॉट की संख्या में कमी आए. कार्ययोजना शार्ट टर्म और लॉग टर्म दोनों प्रकार की हो सकती है. उन्होंने कहा अधिकारी ब्लैक स्पॉट पर जाकर देखें कि किस तरह की ट्रैफिक इंजीनियर की आवश्यकता है और उसे किस तरह से दूर किया जा सकता है.
धार और खरगोन को लेकर अधिक चिंता
बैठक में सिंह ने धार और खरगोन जिले के ब्लैक स्पॉट पर सबसे अधिक चिंता व्यक्त की है. उक्त दोनों जिलों में सड़क हादसे अधिक हो रहे है. गांव की जो सड़क मुख्य मार्ग से मिलती है या कहीं घुमावदार मार्ग है, ऐसी जगह पर भी हादसे हो रहे है. ऐसी जगह और स्पॉट पर ध्यान देने की आवश्यकता है.
