इंदौर: सेंट्रल और जिला जेल में बढ़ती बंदियों के बीच झड़प और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए जेल मुख्यालय ने सख्ती बढ़ा दी है. अब कैदियों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जाने की अनुमति नहीं होगी. डीआईजी जेल मंसाराम पटेल ने जिला जेल का निरीक्षण कर अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वार्ड बदलने की छूट के चलते बंदियों में पुरानी रंजिशें सिर उठा रही हैं, जिससे झगड़े और हमले हो रहे हैं.
जिला जेल की 450 कैदियों की क्षमता के मुकाबले यहां 1100 से ज्यादा बंदी रखे जा रहे हैं, जबकि सेंट्रल जेल में 1400 की जगह 2400 बंदी हैं, जिनमें 95 महिलाएं भी शामिल हैं. इस भारी भीड़भाड़ के चलते नियंत्रण चुनौतीपूर्ण हो रहा है. डीआईजी ने जेल अधीक्षक व स्टाफ को चेतावनी दी है कि कैदियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें और किसी भी घटना को तत्काल नियंत्रित करें. जेलों में जल्द ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है.
