जबलपुर: करीब 70 की स्पीड में सड़क पर दौड़ती इंडिगो कार.. उसके भीतर रखी गई लंबी चौड़ी स्टील की रॉडों का बंडल जिसने भी देखी सभी उस कार से दूर हो गए। लेकिन कार चालक को किसी की जान की कोई परवाह नहीं थी और वह बेखौफ तेज गति से वाहन चलाकर छोटी लाइन फाटक से पिसनहारी मढ़िया तक जाने वाली सड़क की ओर बढ़ रहा था जबकि इस सड़क के बीच काफी ट्रैफिक भी रहता है। जानकारी के अनुसार इंडिगो कार के पीछे की नंबर प्लेट में सामने के अक्षर मिटे हुए थे मतलब कोई कार का नंबर जानना चाहे तो वह नहीं जान सकता था।
चर्चाएं थीं कि कार के आगे व पीछे तरफ से ये स्टील की रॉडों का बंडल कार के आजू बाजू कई फीट तक निकला हुआ था जिससे टकराकर अन्य वाहन चालक कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते थे। इसलिए लोगों ने अपनी अपनी जान बचाकर इस कार से दूरी बना ली। इन सभी के बीच यातायात पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए कि इतने चौराहों से जब ये कार अजीबो-गरीब ढंग से सड़क से निकली तो फिर ट्रैफिक पुलिस ने इस पर आपत्ति क्यों नहीं जताई या फिर किसी तरह की कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। बहरहाल राहगीरों का कहना था कि ये जबलपुर की ट्रैफिक पुलिस है जिसे आम राहगीरों की जान से कोई लेना देना नहीं है। यह सिर्फ चालान वसूलने में व्यस्त रहती है।
