इटारसी। एक ओर जहां देश में तय समय से 8 दिन पहले मानसून के प्रवेश की सूचना है वहीं आज से आरंभ हो रहे नवतपा की चर्चा भी सोशल मीडिया और आम लोगों में है। इस बारे में जानकारी देते हुये नेशनल अवार्ड प्राप्त सारिका घारू ने बताया कि नवतपा पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर 365 दिन में परिक्रमा करने के कारण होने वाली कैलेंडर घटना है जिसमें हर साल 25 मई को पृथ्वी इस स्थिति में पहुंच जाती है कि यहां से देखने पर सूर्य के पीछे आकाश में रोहिणी तारामंडल की स्थिति आ जाती है। इसे कहा जाता है कि सूर्य रोहिणी में प्रवेश कर गया है ।
यह ठीक उस प्रकार ही है कि आप अपना जन्म दिन साल की किसी एक खास अंग्रेजी कैलेंडर की दिनांक को मनाते हैं और हर 365 दिन बाद वह पुन: उस ही दिनांक को आ जाता है। इस प्रकार हर साल 25 मई से लेकर 2 जून तक की 9 दिन की अवधि को नौतपा नाम दिया गया है। सारिका ने बताया कि हिन्दी कैलैंडर में तिथियां और महीना हर साल बदलता रहता है इस कारण इसके आधार पर मनाये जाने वाले दीपावली, होली जैसे त्योहार की दिनांक बदलती रहती है लेकिन सूर्य की परिक्रमा करती पृथ्वी की स्थिति पर आधारित त्योहार लगभग उस ही दिनांक को आ जाते हैं जैसे मकर सक्रांति, नवतपा आदि।
