ग्वालियर: श्री भावभावेश्वर तीर्थ वरूमाल के महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती का जन्मदिन उनके शिष्यों एवं शहर के श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मनाया। सुबह दालबाजार स्थित उनके अस्थाई निवास को विविध प्रकार का सुगंधित फूलों से सजाया गया और सनातन धर्म मंदिर के सभागार में भी सुंदर साज सज्जा की गई। सनातन धर्म मंडल के पदाथिकरियों ने उनका अभिनंदन किया एवं 74 दीपक से आरती की गई।
इस विशेष मौके पर गुरू चरणों का आर्शीवाद लेने के लिए उनके शिष्यों एवं श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। शहर की बेटी साक्षी शर्मा ने इस मौके पर कत्थक नृत्य की मधुरम प्रस्तुति देते हुए सर्वप्रथम शिवस्तुति की,जिसके बोल थे डमरू हर कर बाजे। तत्पश्चात गुरू स्वामी विद्यानंद के चरणों में वंदन करते गुरू वंदना गुरू चरणन में शीश नवाऊं पर सुर लय और ताल के साथ मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति दी। तत्पश्चात पवित्रा शर्मा ने सुमधुर भजन की प्रस्तुति दी।मनुष्य नहीं मनुष्यता होना दुर्लभ…… इस खास अवसर पर श्रद्धालुओं को आर्शीवचन देते हुए स्वामी विद्यानंद ने कहा कि मनुष्य होना खास नहीं पर मनुष्यता होना दुर्लभ है।
