
जबलपुर ।नवरंग कथक कला केंद्र के तत्वावधान में नृत्य निर्देशक मोती शिवहरे के संयोजन में शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय शैली के नृत्यों के15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन गायत्री विद्या मंदिर स्कूल साकेत नगर में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि साहित्यकार राजेश पाठक प्रवीण थे।अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी, शिक्षाविद रामचंद्र विश्वकर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि श्रीमती मीना विश्वकर्मा प्राचार्य एवं कलागुरु नवीन दोशल्य थे ।सारस्वत अतिथि,92 वर्षीय वरिष्ठ समाजसेवी भजनलाल महोबिया ने मंच पर नृत्य की झलक प्रस्तुत कर सबको हतप्रभ कर दिया। कलासाधक मयंक विश्वकर्मा ने नृत्य और संगीत के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि राजेश पाठक प्रवीण ने कहा कि शास्त्री नृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। शास्त्रीय नृत्य के ज्ञान से जीवन में ऊर्जा के साथ स्थिरता मिलती है। अध्यक्षता कर रहे रामचंद्र केवट ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही किसी न किसी कला से जोड़ना आवश्यक है।इस अवसर पर प्रशिक्षु बच्चों ने विविध नृत्यों की झलकियां प्रस्तुत कर सबको मोहित कर दिया। समापन अवसर पर अतिथियों ने बच्चों को प्रतीक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया।स्वागत दिनेश केवट ने किया। संचालन कर रहे मोती शोवहरे ने कहा की 15 दिवसीय प्रशिक्षण की सफलता के उपरांत अब नियमित शास्त्रीय नृत्य कला की कक्षाएं प्रारंभ की जाएगी।संचालन नृत्य गुरु मोती शिवहरे एवं आभार सारंग शिवहरे ने किया।
