जबलपुर: न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक उड़द और मूंग के लिए पंजीयन प्रारंभ नहीं हुए हैं। परंतु उसके बावजूद भी किसान प्राइवेट रूप से अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में पहुंचने लगे हैं। वहीं पाटन मंडी में उड़द की फसल लेकर बहुत से किसान पहुंचे थे जहां पर उन्हें ने अपनी उड़द को प्राइवेट रूप से व्यापारियों को बेचा है। किसान राहुल पटेल ने बताया कि 2 दिन पहले हुई बारिश के कारण फसलों को नुकसान हो सकता था, इसके पहले ही उड़द की फसल कट चुकी थी, जिसको लेकर पाटन मंडी में प्राइवेट रूप से उसे बेच दिया है। जिससे आगामी दिनों में अगर मौसम खराब होता है तो नुकसान ना हो पाए।
6500 से 7000 तक रेट
मंडी में प्राइवेट रूप से किसानों ने जो उड़द की फसल बेची है, उसके लिए उन्हें अच्छा खासा रेट मिल रहा है। किसानों ने बताया कि पाटन मंडी में उन्हें अपनी उड़द की फसल का 6500 रुपए से 7000 रुपए प्रति क्विंटल से रेट मिला है। जिसका भुगतान भी उन्हें तुरंत हो गया है।
विगत वर्ष शुरू 20 से शुरू हुआ था पंजीयन
विगत वर्ष 2024- 25 में मूंग और उपार्जन के लिए पंजीयन 20 में से शुरू हो चुके थे, परंतु इस वर्ष अभी तक इन दोनों ही फसल के लिए समर्थन मूल्य में पंजीयन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। वहीं जिन किसानों की फसल तैयार हो चुकी है,वह प्राइवेट रूप से अपनी फसल को बेच रहे हैं।
