इंदौर: साइबर ठगों ने एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक तरीका अपनाते हुए ड्रग्स और रेप केस में बच्चों के फंसने की धमकी देकर लोगों से पैसे ऐंठने का नया जाल बुनना शुरू कर दिया है. इंदौर क्राइम ब्रांच को इस साल अब तक ऐसे 35 मामले मिले हैं, जिनमें 15 लाख रुपए से अधिक की ठगी की जा चुकी है.ठग वीडियो कॉल कर अभिभावकों को बताते हैं कि उनका बेटा किसी ड्रग्स या रेप केस में पुलिस की हिरासत में है.
डर और तनाव की स्थिति में अधिकांश माता-पिता बिना सत्यापन के ठग द्वारा बताए गए बैंक खाते में पैसे जमा करवा देते हैं ताकि उनके बेटे को बचाया जा सके. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ठग ऐसे परिवारों को निशाना बना रहे हैं जिनके बच्चे दूसरे शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं. डर का फायदा उठाते हुए वे माता-पिता से कहते हैं कि अगर समय रहते पैसे नहीं भेजे, तो केस दर्ज कर लिया जाएगा.
कई मामलों में जब माता-पिता ने बच्चों से संपर्क करने की कोशिश की, तो बच्चे क्लास में होने के कारण फोन नहीं उठा सके, और इसी बीच घबराए माता-पिता ने ठगों के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए. ज्यादातर मामलों में 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक की रक¸म ठगों द्वारा वसूली गई है. क्राइम ब्रांच के एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इन घटनाओं में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी के लिए किराए पर लिए गए बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे साइबर ठगों तक सीधी पहुंच कठिन हो जाती है.
