
ब्यावरा.अत्यधिक बारिश के चलते इस बार स्थानीय अजनार नदी में पानी का तेज प्रवाह बना हुआ है. साथ ही प्रतिमा विसर्जन के लिए इंदौर नाका पुल के यहां स्टॉप डेम पर पानी को रोक दिया गया है जिससे यहां लबालब पानी भरा हुआ है किंतु पुल पर रेलिंग नहीं होने से यहां से आवागमन जोखिम भरा है.
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस तक हुई तेज बारिश के चलते अजनार नदी में काफी मात्रा में पानी की उपलब्धता बनी हुई है. पानी का तेज प्रवाह है. इंदौर नाका पुल के स्टॉप डेम पर ही नवरात्रि के समापन पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा. इसके लिए डेम में पानी रोक दिया गया है. जर्जर पुल के यहां नदी में काफी मात्रा में पानी भर गया है. लेकिन इस जीर्णशीर्ण पुल पर रेलिंग नहीं होने से वाहन चालकों, पैदल राहगीरों को आवाजाही में भय सा लगा रहता है. जरा भी संतुलन बिगडऩे पर कोई भी अनहोनी हो सकती है.
स्कूली बच्चे जाते पुल से होकर
पुल के पार मुल्तानपुरा क्षेत्र में ही करीब आधा दर्जन स्कूल है. ेरोजाना बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चे इसी पुल से होकर सायकल, दुपहिया वाहन या फिर पैदल अपने स्कूलों के लिए आते-जाते है. इसी रेलिंग विहीन पुल से उनका आना-जाना होता है. वाहन भी तेज रफ्तार में दौड़ते है. काफी व्यस्त यातायात रहता है, ऐेसे में अनहोनी का भय बना रहता है. अब जबकि पुल के नीचे काफी मात्रा में पानी भरा है उसको देखते हुए पुल पर अतिशीर्घ रेलिंग लगाई जाना चाहिए.
अंधेरे में अधिक जोखिम
रात के अंधेरे में बिना रेलिंग पुल से होकर आना-जाना कहीं अधिक जोखिम भरा है. पुल उखड़ा हुआ है, इस पर गड्ढे भी हो रहे है, इससे वाहन असंतुलित हो जाते है. विशेषकर दुपहिया वाहन चालको को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
रपटे पर भी रोका पानी
पुल से थोड़ी आगे रपटे के यहां भी पानी रोक देने से रपटे के ऊपर से पानी ओव्हर फ्लो होकर बह रहा है. गौरतलब है कि एक समय मुल्तानपुरा से नगर में आने-जाने के लिए रपटा भी आवागमन का मुख्य मार्ग रहा है. किंतु अनदेखी के कारण यह रास्ता जीर्णशीर्ण होकर अव्यवस्थित हो चला है.
