
इंदौर. शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय का जीर्णोद्धार कार्य अंतिम चरण में है. कलेक्टर की पहल और क्रेडाई इंदौर, रेडक्रॉस, समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से 8.5 करोड़ रुपए की लागत से सीएसआई कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत कराया जा रहा है.
डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मार्च 2025 में पहला चरण पूरा हो चुका है, वहीं दूसरा चरण भी अब लगभग पूर्ण है. अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 200 बेड का किया जा रहा है, जिससे यह प्रदेश का सबसे बड़ा बाल चिकित्सालय बन जाएगा. अस्पताल में अब नई एनआईसीयू, पीआईसीयू के साथ ही ऑपरेशन थिएटर, ब्लड बैंक, एक्स-रे यूनिट, थैलेसीमिया यूनिट सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. निरीक्षण के दौरान डॉ. घनघोरिया ने वार्ड, अटेंडर रूम, ओपीडी और पार्किंग स्थल का भी जायजा लिया तथा व्यवस्थाओं पर संतोष जताया. उन्होंने नव भारत को बताया कि अब अस्पताल को पीडियाट्रिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का समुचित इलाज यहीं संभव होगा. उन्होंने यह भी कहा कि एमवाय अस्पताल को देश का श्रेष्ठ अस्पताल बनाना उनका लक्ष्य है और मरीजों को बेहतरीन उपचार सुविधा देना उनकी प्राथमिकता. जल्द ही नवीनीकृत अस्पताल का लोकार्पण किया जाएगा.
