
ग्वालियर। रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी स्वप्रदीप्तानंद के साथ हुए ढाई करोड़ रुपए के ऑनलाइन ठगी मामले में ग्वालियर पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इस साइबर फ्रॉड में आरोपियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर फरियादी से भारी रकम ठगी थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि 30 लाख रुपए रुद्राक्ष एंटरप्राइज नाम की एक फर्म में ट्रांसफर किए गए थे। जब पुलिस टीम लखनऊ पहुंची तो पता चला कि उक्त फर्म बंद हो चुकी है और उसका पता भी फर्जी पाया गया।
तकनीकी सुरागों की मदद से पुलिस टीम ने खुद को बैंक रिकवरी एजेंट बताकर तीन दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और अंततः फर्म के संचालक सहित 10 आरोपियों को लखनऊ से पकड़ा। इनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी बैंक खाते खुलवाने के लिए लोगों को पैसे का लालच देते थे ।बचत खाते पर 30 हजार और चालू खाते पर 1 लाख रुपए।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 15 मोबाइल, एक लैपटॉप, बैंक पासबुक और चेक बुक जब्त की गई हैं। पुलिस अब इन आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी।
गिरफ्तार आरोपी,सचिन गुप्ता (29), लखनऊ, शौर्य शुक्ला (21) लखनऊ,अर्सलान अली (22) लखीमपुर खीरी,सुल्तान मंसूरी (22)सीतापुर, शिवांश सैनी (21) लखीमपुर खीरी, रवि आनंद साहनी (22) मूल निवासी गुजरात,मोहम्मद अदनान खान उर्फ जमन (18) लखीमपुर खीरी,शिवम सिंह उर्फ अनुज (21) गोरखपुर,विनायक सिंह (20), प्रतापगढ़ और हिरतेश कुमार (19) लखनऊ शामिल हैं।
