
ग्वालियर। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी ने नामांकन कार्य में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। जारी आदेश के तहत दो दर्जन प्राचार्य एवं समस्त बीआरसीसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं 33 प्राचार्यों का वेतन रोका गया है।
आयुक्त लोक शिक्षण एवं संभागीय बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि ग्वालियर जिला नामांकन कार्य में राज्य ग्रेडिंग में 40वें नंबर पर है। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने अप्रसन्नता व्यक्त की है। रिपोर्ट के अनुसार 28 अप्रैल तक जिले का नामांकन केवल 84 प्रतिशत है, जिसे असंतोषजनक बताया गया है। आदेश में कहा गया कि पत्रों, वेबीनार, व्हाट्सएप और दूरभाष से लगातार निर्देश देने के बावजूद प्रगति नहीं हुई। जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों पर ध्यान न देते हुए नामांकन कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता का परिचय दिया गया है तथा अपने पदीय दायित्व का निर्वहन ठीक प्रकार से नहीं किया है। नामांकन कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। नियत समय पर प्रगति न होने या जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर कलेक्टर द्वारा प्रस्तावित कार्यवाही की जाएगी। मुरार ग्रामीण, मुरार शहरी क्रमांक 1 व 2, डबरा, घाटीगांव, भितरवार के समस्त बीआरसीसी को यह पत्र भेजा गया है। नामांकन में 40वें स्थान पर आने से नाराज जिला शिक्षा अधिकारी ने बीआरसीसी को नोटिस जारी किया है। जिले में अभी 84 प्रतिशत नामांकन हुआ है। 30 अप्रैल तक 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होना था।
