भोपाल राजाधनी के सिख गुरमत शिक्षा कैंप में बच्चे और युवा पढ़ाई के साथ ही आत्मरक्षा के गुर सीख रहे हैं. जहां सभी को तलवार, भाला और बंदूक चलाने का अभ्यास कराया जा रहा है. गुरुद्वारा नानकसर हमीदिया रोड पर आयोजित कैंप के माध्यम से महापुरूषों के प्रेरणादायी प्रसंगों से सभी को प्रेरित किया जा रहा है. कैंप का हिस्सा बने बच्चे गुरमुखी भाषा का अध्यन कर रहे हैं. यहां पर सभी को इस भाषा की वर्णमाला सिखाते हुए पढ़ने और बोलने का भी अभ्यास कराया जा रहा है. प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष परमवीर सिंह ने इस संबंध में जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि आयोजित कैंप के माध्यम से बच्चे अपने जीवन का बहुत बड़ा पाठ पढ़ रहे हैं. गुरमुखी भाषा सिखाना का उद्देश्य है कि सभी धर्म और अध्यात्म से जुड़े रहें. इसके साथ ही वीर पुरूषों के प्रेरक प्रसंग से जहां वह अपने देश के इतिहास से परिचित हो रहे हैं वहीं उनके मन में देशभक्ति और देशसेवा की मंशा भी जागृत हो रही है.
सिख गुरमत शिक्षा कैंप गुरु महाराज के समक्ष अरदास के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है. यहां के प्रशिक्षक बच्चों को शुद्ध गुरवाणी पाठ करना, पगड़ी बांधना सिखाते हुए शस्त्र विद्या का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं. कैंप में शामिल बच्चे आत्म रक्षा के लिए लाठी भांजते हुए अपने शरीर का भी बैंलेस बना रहे हैं. इसके साथ ही गतका कला के माध्यम से बच्चे भारतीय मार्शल आर्ट भी सीख रहें हैं.
