
नयी दिल्ली, 15 मई (वार्ता) जलवायु और ऊर्जा के क्षेत्र में एशिया के प्रमुख अध्ययन संस्थानों में एक राजधानी के काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणाभा घोष को जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन -कॉप 30 के लिए दक्षिण एशिया का दूत नियुक्त किया गया है।
यह सम्मेलन इस साल नवंबर में 10 से 21 तारीख तक ब्राजील में बेलेम में आयोजित किया जाएगा।
सीईईडब्ल्यू की विज्ञप्ति के अनुसार डॉ घोष कॉप 30 के लिए नियुक्त हुए आठ अंतरराष्ट्रीय दूतों में से एक हैं, जो अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन दूतों में जैसिंडा अर्डर्न (न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री), पैट्रिशिया एस्पिनोसा (मेक्सिको की पूर्व विदेश सचिव और यूएनएफसीसीसी की पूर्व कार्यकारी सचिव), लॉरेंस ट्यूबियाना (फ्रांस की जलवायु परिवर्तन राजदूत और कॉप21 के लिए विशेष प्रतिनिधि), और अदनान अमीन (आईआरईएनए के पहले महानिदेशक और कॉप28 यूएई के सीईओ) जैसी वैश्विक हस्तियां शामिल हैं।
डॉ. घोष ने कहा, “पूरी दुनिया में जलवायु से जुड़े व्यवधान तेजी से बढ़ रहे हैं, जो भू-राजनीति, तकनीकी बदलावों से निर्देशित हैं । इससे पृथ्वी के लिए संकट की सीमा पार होने का खतरा मंडरा है। कर्ज के बढ़ते बोझ, विनाशकारी आपदाएं, विकास की धीमी रफ्तार और तत्काल डीकार्बोनाइजेशन करने की आवश्यकता इस बात का संकेत देती है कि नए दृष्टिकोणों को अपनाना अत्यंत जरूरी है।” उन्होंने कहा, “कॉप30 एक ऐसा मंच होना चाहिए, जहां पर ग्लोबल साउथ को न केवल सुना जाए, बल्कि जलवायु नेतृत्व के उनके अनूठे स्वरूपों को मान्यता और उसे समर्थन दिया जाए।”
