
जबलपुर। जिले के दमोह नाका शांतिनगर निवासी अजय जानकर उर्फ़ अज्जू ने परिवार के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि गोहलपुर थाना पिछले दो वर्षों से उनका चरित्र प्रमाण-पत्र जारी नहीं कर रहा, जबकि इस संबंध में मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग ने भी आदेश जारी किया था। आवेदक ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग से होने के कारण वह पिछले लंबे समय से थाना गोहलपुर से चरित्र प्रमाण-पत्र और अपने पुराने प्रकरणों की विस्तृत जानकारी मांग रहे हैं, जो पुलिस द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि सभी न्यायालयीन प्रकरणों में वे श्रेणिमुक्त हो चुके हैं, फिर भी थाना बिना कारण जानकारी रोके हुए है। अजय जानकर के अनुसार, सूचना न मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग भोपाल में अपील की, जिसके बाद आयोग ने पुलिस अधीक्षक और गोहलपुर थाना को प्रमाण-पत्र प्रदान करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद थाना स्तर से गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया। थाना की अनदेखी से परेशान होकर आवेदक ने सीएम हेल्पलाइन में भी दो बार शिकायतें दर्ज कराई थी लेकिन अब तक उन्हें प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया। अजय जानकर ने बताया कि उन्होंने तहसीलदार अधारताल एवं एसडीओ अधारताल को भी प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए आवेदन दिया था, परंतु वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि चरित्र प्रमाण-पत्र न मिलने के कारण उनकी नौकरी में वेतन अटका हुआ है, जिससे परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। अजय और उसके परिवार ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें तत्काल प्रमाणित चरित्र प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाए और उनके मूलभूत अधिकारों की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई की जाए।
