भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भोपाल में महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित फिल्म “फुले” की स्क्रीनिंग करने जा रहे हैँ। वे 13 मई को भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को “फुले” फ़िल्म दिखाएंगे। पूर्व सीएम द्वारा किये जा रहे इस आयोजन का उद्देश्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को फुले के समतावादी विचारों और सामाजिक न्याय के संघर्ष से परिचित कराना है। फ़िल्म “फुले” महात्मा ज्योतिराव फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के जीवन और संघर्ष पर आधारित है।
यह फिल्म भारत में जाति और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ फुले दंपति के संघर्ष को दिखाती है। फ़िल्म फुले का सन्देश समाज में व्याप्त जातिगत और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ एक मजबूत आवाज है। यह फिल्म दर्शकों को यह समझने के लिए प्रेरित करती है कि कैसे ज्योतिराव और सावित्रीबाई फुले ने अपने समय में समाज सुधार के लिए काम किया और महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। “फुले” फिल्म इस बात पर जोर देती है कि शिक्षा, समाज में बदलाव लाने का सबसे प्रभावी साधन है, खासकर वंचित और दलित वर्गों के लिए।
ज्योतिराव और सावित्रीबाई ने लड़कियों और निचली जातियों के लिए स्कूल खोलकर इसकी मिसाल कायम की। देश की प्रथम महिला शिक्षक सावित्री बाई फुले के जीवन से प्रेरित यह फिल्म महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का संदेश देती है। फुले दंपति का जीवन दर्शाता है कि सच्चा सुधार तभी संभव है जब समाज के सबसे हाशिए पर मौजूद लोगों को मुख्यधारा में लाया जाए। फिल्म यह प्रेरणा देती है कि सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और शिक्षा के माध्यम से समाज को बदलना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
