
जबलपुर। शहर से रोजाना आसपास के क्षेत्रों में अप डाउन करने वाले यात्रियों का सबसे बेहतरीन विकल्प 11272 विंध्याचल एक्सप्रेस के रूप में रहता था जो भोपाल से चलकर जबलपुर और नरसिंहपुर के रास्ते इटारसी तक जाती है, यह ट्रेन अब पिछले कुछ महीनों से लेट चल रही है। लोग इस कदर इस ट्रेन पर भरोसा करते थे कि भले ही कोई दूसरी ट्रेन में खाली सीट भी मिले तो नहीं बैठते थे, क्योंकि यह गाड़ी हमेशा समय पर गंतव्य तक पहुंचा देती थी। मगर यह भरोसा पिछले कुछ महीनों से टूट सा गया है। अप डाउनर्स ही नहीं बल्कि यात्री भी इस बात को स्वीकार करने लगे हैं कि यह ट्रेन लगातार दो से तीन घंटे देरी से चल रही है। जिससे कई बार तो गंतव्य तक सही समय पर पहुंच भी नहीं पाते हैं। पहले तो यह भोपाल से देरी से चलकर जबलपुर पहुंचने में भी लेट हो रही जिसके चलते जबलपुर से नरसिंहपुर, पिपरिया, करेली और आसपास जाने वाले अप डाउनर्स भुगत रहे हैं। इनकी संख्या रोजाना चार से पांच हजार के आसपास है।
ग्रामीण अंचल में यात्री ज्यादा
इन दिनों ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते जबलपुर से नरसिंहपुर, इटारसी और भोपाल की ओर जाने वाली गाड़ियों में लोड ज्यादा देखा जा रहा है जिसके चलते ट्रेनें देरी से चल रही है। मालूम हो कि ग्रामीण क्षेत्र होने के चलते जबलपुर से गाडरवारा, नरसिंहपुर, करेली के अप डाउनर्स ज्यादा सफर करते हैं। जो विंध्याचल जैसी ट्रेनो को पसंद करते थे मगर अब यह धीरे-धीरे उनकी नापसंद बनती जा रही है। इस ट्रेन के देरी से चलने के पीछे कारण यह है कि यह ट्रेन भोपाल और इटारसी से ही रोजाना देरी से चल रही है।
